शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी की पावन धरा पर आचार्य वसुनंदी महाराज स संघ का हुआ भक्ति मय ऐतिहासिक मंगल प्रवेश

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शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी की पावन धरा पर आचार्य वसुनंदी महाराज स संघ का हुआ भक्ति मय ऐतिहासिक मंगल प्रवेश

राजस्थान के सैंकड़ो भक्त जनों ने मधुवन में भावपूर्ण की भव्य आगवानी

फागी संवाददाता
13 अप्रैल
जयपुर – 13/04/26 , प्रसिद्ध तीर्थ शाश्वत तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी की पावन धरा पर सोमवार 13 अप्रैल को प्रातः शुभ मंगलमय बेला में परम पूज्य अभिक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री १०८ वसुनंदी जी महा मुनिराज ससंघ ( तीस पिच्छिका) का भव्य मंगल प्रवेश हुआ, कार्यक्रम में हजारों भक्त श्रद्धा व भक्ति से गुरु अगवानी में झूम उठे तो वही पूर्व में विराजित वरिष्ठ आचार्यों ने मंगल आशीर्वाद दिया तथा सुशिष्य, मुनिराजों,अन्य सन्तों व आर्यिका संघों ने गुरुवर की भव्य आगवानी की,इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य श्री सम्भव सागर महाराज से मिलन व आपसी गुफ्तगू का दृश्य बहुत ही भाव विभोर कर रहा था । शाश्वत तीर्थ की और पहली बार चरण :-
धर्म जागृति संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया की जैसे ही सिद्धायतन से तेरह पंथी कोठी की ओर गुरुवर के कदम बढ़ने लगे वैसे ही अनेकों प्रान्तों से पधारे भक्त जगह जगह गुरुवर की पाद प्रक्षालन व आरती के लिए उमड़ पड़े, सभी ने भक्तों ने भक्ति भाव से सम्पूर्ण संघ का ऐतिहासिक मंगल प्रवेश कराया।
उक्त मंगल प्रवेश के समय धर्म जागृति संस्थान द्वारा 108 मीटर लंबे पचरंगे झंडे की यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर जहां जगह-जगह पाद प्रक्षालन कर आरती की गई। वही 108 पात्रों में आचार्य का गुरुभक्तों ने मंगल कलशों से पाद प्रक्षालन किया, कार्यक्रम में धर्म जागृति संस्थान के कोषाध्यक्ष पंकज जैन लुहाड़िया के अनुसार आचार्य वैराग्य नंदी महाराज,आचार्य ज्ञेय सागर महाराज, आचार्य मोक्ष सागर महाराज , मुनि आराध्य सागर महाराज सहित बहुत से मुनि आर्यिका संघों से अद्धभुत मिलन हुआ। ऐसा लगा मानो समवसरण धरा पर उतर आया हो, कार्यक्रम में तेरा पंथी कोठी के प्रवचन हाल में धर्म सभा का शुभारम्भ आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी के मंगलाचरण के साथ हुआ,मुनि शिवानंद महाराज ने कहा प्रकृति को भी बचाने का कार्य हमें करना चाहिए,जिसके लिए औषधीय गुणों वाले पोधों के बीज उपलब्ध कराए गए कार्यक्रम में आचार्य श्री वसुनंदी महाराज ने भक्तों को मंगलमय आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह शाश्वत तीर्थ है जहाँ के कण कण में अद्धभुत शक्ति का समावेश है और यह हमारा कर्तव्य है कि हम तीर्थराज सम्मेद शिखर के लिए श्रद्धा भक्ति और भावना से समर्पित रहे, कार्यक्रम में तेरा पंथी कोठी मधुबन के पदाधिकारियों द्वारा चित्र अनावरण तथा अथितियों का अभिनंदन किया तथा धर्म जागृति संस्थान के पदाधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया,आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन तथा शास्त्र भेंट के उपरान्त आचार्य श्री द्वारा रचित तथा उपाध्याय प्रज्ञा नंद जी मुनिराज द्वारा सम्पादित सोलहकारण विधान पुस्तक का विमोचन संस्थान के राष्ट्रीय संरक्षक डा० नीरज जैन, राजस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष पदम जैन बिलाला युवा प्रकोष्ठ के गौरव जैन व अंकुर जैन द्वारा किया गया उक्त
कार्यक्रम में संस्थान के रमेश गर्ग बोलखेड़ा आई. पी .एस , वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन जैन चौधरी , संयुक्त मंत्री संजय जैन बडजात्या कामा , कोषाध्यक्ष पंकज जैन लुहाड़िया ,मनीष जैन , राजेंद्र जैन झंडा वाले , महीप जैन , पवन जैन नगीना , सिद्ध सेठी ,निशा जैन , रानी जैन , संजना जैन सहित राष्ट्रीय पदाधिकारी विनोद जैन मिलेनियम , ई भूपेंद्र जैन दिल्ली , संजीव जैन दिल्ली , आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।

राजाबाबू गोधा जैन गजट संवाददाता राजस्थान

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