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1 दिसंबर 1895 से प्रकाशित जैन समाज का सर्वाधिक प्रसार संख्या वाला साप्ताहिक

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प्रमुख समाचार

द्वितीर्थी तीर्थंकर प्राच्य प्रतिमाएँ

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- डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर द्वितीर्थी या द्विमूर्तिका से आशय है एक ही शिलाफलक में दो समान आकर की मूर्तियाँ। सबसे सुन्दर द्विमूर्तिका तीर्थंकर...

आचार्यश्री आर्यनंदीजी गुरुदेव कल्पवृक्ष थे – दिलीप घेवारे

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पैठन : तीर्थरक्षाशिरोमणी पट्टाचार्य आर्यनंदीजी गुरुदेव सकल जैन समाज के लिए कल्पवृक्ष थे यह विचार अखिल दिगंबर जैन सैतवाल संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप...

मानवता के मसीहा – भगवान महावीर स्वामी

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जैन धर्म में 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2622 व जन्म कल्याणक महोत्सव हम सभी प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ला त्रयोदशी को मनाते हैं।...

जैसवाल जैन समाज का 15 वां सामूहिक अभिषेक सिद्धवर कूट में संपन्न

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होली - समाज मिलन समारोह में हुए रंगारंग कार्यक्रम श्री सिद्धवरकूट (मनोज जैन नायक) जैसवाल जैन समाज इंदौर का सामूहिक अभिषेक का 15 वां आयोजन...

धर्म जागृति संस्थान का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

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कार्यकर्ता ही संघटन की रीढ़, वर्तमान युग संघठित रहने का युग - आचार्य वसुनंदी महाराज तिजाराजी (मनोज जैन नायक) अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान का...

धर्म जागृति संस्थान का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

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सर्व श्रेष्ठ शाखा का सम्मान राजस्थान प्रान्त शाखा को मिला 🙏 धर्म सिखाओ धर्म बचाओ,सन्तों के विहार में सहयोग करो, का नारा हुआ बुलन्द 🙏 कार्यकर्ता ही संघटन...

21 अप्रैल को हिंगणघाट में आचार्य श्री विरागसागरजी ससंघ का भव्य आगवाणी

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20 वर्ष बाद जलद ही गुरु शिष्य का भव्य दिव्य मिलन 21 एप्रिल 2024 भगवान महावीर जन्मकल्याणक अवसर शुभ दिन अभुतपुर्व महामिलन महाराष्ट्र प्रात...

जैन तीर्थोद्धारक बाबूजी

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महावीर दीपचंद जी ठोले, छत्रपती संभाजीनगर, महामंत्री श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा महाराष्ट्र प्रांत मो-75880 44495 जिनका नाम निर्मल ,आचार निर्मल, विचार निर्मल,...

आत्म स्वभाव की अनुभूति करना ही निर्ग्रन्थ साधक का लक्ष्य है

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आत्म स्वभाव की अनुभूति करना ही निर्ग्रन्थ साधक का लक्ष्य है आचार्य विमर्श सागर चौबीस सन्तो के सानिध्य में हो रही जैन समाज कामां में...

श्रावक और सन्त, समाज की गाड़ी के परस्पर सहयोगी – आचार्य विमर्श सागर

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कामां (मनोज जैन नायक) सन्तो की साधना में सहयोगी बनने का कार्य श्रावक का होता है और प्रत्येक श्रावक को इसे अपना कर्तव्य समझ...

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