शोभायात्रा में लहराई धर्म ध्वजा, अश्व पर सवार हुए बच्चे, आचार्य प्रसन्न सागर का परतापुर में मंगल प्रवेश, पुष्पवर्षा से स्वागत
आचार्य प्रसन्न सागर का चतुर्विध संघ सहित परतापुर नगरी में मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर पूरे नगर में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह उमड़ पड़ा। प्रवक्ता बताया कि आचार्य ससंघ प्रवेश एन.पी. मार्ट से प्रारंभहोकर आदिनाथ कॉलोनी होते हुए नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरा। मार्ग में आकर्षक स्वागत द्वार पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर आचार्य संघ का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंगल प्रवेश शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण धर्म ध्वजा रही, जिसके साथ अश्व दल एवं बालिका मंडल स्कूटी पर सवार होकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। नासिक ढोल की गूंज पर श्रद्धालु झूमते हुए नृत्य करते नजर आए। मंगल कलश के साथ महिला मंडल, नेमिनाथ नवयुवक मंडल बोहरी समाज एव सभी समाज के लोग नजर आये एवं समाजजन अपनी वेशभूषा में चल रहे थे, तथा पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार नृत्य कर रहे थे। शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई गणेश मंदिर पहुंची, जहां जैन समाज परतापुर ने आचार्य का पाद प्रक्षालन किया गया। नेमिनाथ चैत्यालय के दर्शन करते हुए
परतापुर में मंगल प्रवेश करते आचार्य एवं संघ।
आचार्य से आशीर्वाद लेने उपस्थित जैन समाजजन।
शोभायात्रा श्री 1008 नेमिनाथ मंदिर पहुंची, जहां धर्म सभा का आयोजन हुआ। सभा में संघस्थ मुनि, आर्यिका, क्षुल्लक एवं क्षुल्लिका ने वैराग्य धारण कर संयम मार्ग अपनाने की प्रेरणादायक जीवन गाथाएं सुनाई। आचार्य सन्न सागर महाराज ने प्रवचनों में धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश देते हुए
आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया। आचार्य के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य कोठारी मोहित परिवार एवं दोसी विपिन परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन दिशि जैन ने किया। अतिथियों के भोजन की व्यवस्था पुण्यार्जक पंचोरी अशोक हुकमचंद परिवार द्वारा की गई। ऐसी जानकारी प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद ने दी है