/दिगंबर जैन संत विश्रांत सागर महाराज सागर /
14 अप्रैल मंगलवार 2026
गुरसराय नगर में जैन मुनि का मंगल प्रवेश हुआ संपूर्ण जैन समाज ने अगवानी संत को जिनालय में प्रवेश कराया
19 वर्षों के लंबे समय काल के बाद जैन मुनि संघ का मंगल प्रवेश होने पर संपूर्ण जैन समाज ने गाजे-बाजे में अपने हाथों की तालियां बजा कर भी उनका स्वागत सम्मान किया
टोडी अतिशय क्षेत्र पर
जैन संत ने अपार धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया किसी भी व्यक्ति को अच्छा फल प्राप्त करने के लिए अपने मन में उनके प्रति श्रद्धा रखना बहुत जरूरी है
बिना श्रद्धा के मनुष्य की आस्था एक गुढकने लोटे की तरह होती है
जैन संत ने यह भी बताया की णमोकार मंत्र एक ऐसा मंत्र है जिसको श्रद्धापूर्वक जपने से सभी प्रकार के रोग शोक बीमारियां मनचाहा कार्य संपन्न होता है
जब भी आपको समय मिले उसी समय णमोकार मंत्र को जपते रहना चाहिए इसका प्रभाव बहुत बड़ा मुनि ने बताया
जिन परिवारों में लड़ाई झगड़ा अशांति उत्पन्न है उन्हें णमोकार मंत्र का प्रतिदिन अपने घर में जाप करना चाहिए उस मंत्र के प्रभाव से की घर की असुविधाएं दूर होना संसार में डूबने वाले को किनारे लगाने वाला वह बचाने वाला यही एक मंत्र है मुनि ने बताया
एक बार आप श्रद्धापूर्वक इस मंत्र को जाप कर देखो इसका प्रभाव अपने आप आपको मालूम होगा कि णमोकार मंत्र में कितनी बड़ी शक्ति है
जिनालय में आए हुए भक्तों ने जैन संत जैन धर्म की जय जयकार के नारो से गूंजायमान किया
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान


Unit of Shri Bharatvarshiya Digamber Jain Mahasabha











