जैन संत विश्रांत सागर महाराज का 19 वर्षों बाद गुरसराय गांव में मंगल प्रवेश पर समाज द्वारा की गई भव्य अगवानी
अंधेरे मार्ग से निकालकर
प्रकाश में ले जाने वाले दिगंबर संत ही होते हैं
23 अप्रैल गुरुवार 2026
ग्राम गुरसराय जिला झांसी मध्य प्रदेश
गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक परम शिष्य संघ का मंगल प्रवेश नगर में होने पर संपूर्ण नगर वासियों ने भव्य अगवानी कर गाजे-बाजे के साथ जिनालय में प्रवेश कराया
जैन संत विश्रांत सागर महाराज ने धर्म सभा को बताया 19 वर्षों पूर्व जब हम ब्रह्मचर्य अवस्था में थे तब इसी ग्राम में चातुर्मास हुआ था तब से ही भक्त लोग हमसे जुड़े हुए हैं
इतनी भयंकर भीषण गर्मी पड़ने पर भी भक्तों ने ऐसा स्वागत सम्मान मुनि का किया जो दृश्य अद्भुत रहा
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का ऐसा महापर्व इस नगर में हुआ जिन्हें देखकर हर भक्त समर्पित हो गया
संत ने यह भी कहा की गुरु शिष्य का वात्सल्य स्नेह भी बहुत बड़ा धर्म की प्रभावना का एक अंग है संसार के रिश्ते तब तक टिके रहते हैं जब तक स्वार्थ निहित नहीं हो जाता जिस दिन स्वार्थ पूरा हो जाता है रिश्ते टूट जाते हैं बिखर जाते हैं लेकिन दिगंबर संत के रिश्ते निस्वार्थ के होते हैं जो जीवन भर भक्त के साथ बने रहते हैं
अंधेरे रास्ते से निकालकर भक्त को गुरु ही प्रकाश वाले रास्ता दिखाते हैं
जिसे जीवन में जीने का सही मार्ग मिलता है वह आगे बढ़ जाता है
संपूर्ण नगर वासियों ने धर्म सभा में पहुंचकर मुनि के जय जयकार के नारे लगाया
मुनि संघ ने सभी नगर वासियों को अपना आशीष दिया
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

















