टेक्स्ट नेक सिंड्रोम – विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल

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बीमारी जन्मजात और जन्म के बाद होती हैं और कुछ बीमारियां हमारे गलत ढंग से काम करने के कारण होता हैं ,जैसे आजकल मोबाइल लेपटॉप का दुरूपयोग करने से ,होने के कारण परेशानी उठानी पड़ती हैं मोबाइल फोन या कंप्यूटर आदि पर ज्यादा देर गर्दन झुककर काम करने की वजह से टेक्स्ट नेक की दिक्कत होती है, इससे बचने के लिए रोजाना करें ये एक्सरसाइज।
मोबाइल फोन और इंटरनेट ने जमाने के काम करने के तरीके को बदलकर रख दिया है। स्मार्टफोन, लैपटॉप और तमाम दूसरे गैजेट्स की निर्भरता ने काम को आसान तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही कुछ न कुछ समस्या भी लोगों को मिली है। कोरोनावायरस महामारी के कारण एक बार फिर से हर उम्र के लोग स्मार्टफोन और लैपटॉप के सहारे अपना कामकाज घर बैठे कर रहे हैं। लैपटॉप और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के लिए हम अपनी गर्दन को कई समस्याओं से जकड़ने का काम भी कर रहे हैं। क्योंकि जब हम मोबाइल या लैपटॉप पर काम कर रहे होते हैं तो उस समय हमारी गर्दन पर जरूरत से ज्यादा प्रेशर डाल रहे होते हैं जिसकी वजह से “टेक्स्ट नेक” जैसी समस्या जन्म ले रही है। घर से काम करने के चलन की वजह से भी इस समस्या में वृद्धि देखी गयी है। टेक्स्ट नेक जैसी समस्या आगे चलकर गर्दन से जुड़ी कई दूसरी समस्याओं का कारण भी बन सकती है, इसलिए समय रहते ही इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन और लैपटॉप आदि का इस्तेमाल करने की वजह से गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर इसका प्रभाव पड़ता है। ज्यादा देर तक ऐसी स्थिति में काम करने की वजह से शरीर पोश्चर तो बिगड़ता ही है इसके साथ ही गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दिक्कतें पैदा होने लगती हैं। गर्दन और रीढ़ का झुकाव आगे की तरफ ज्यादा होने के कारण रीढ़ की हड्डी का उभार बढ़ने लगता है। इसके अलावा गर्दन, पीठ और कंधों व सिर में दर्द भी शुरू हो सकता है। इस तरह ऐसे काम करने की वजह से होने वाली इन समस्याओं को टेक्स्ट नेक या टेक्स्ट नेक सिंड्रोम कहा जाता है।
लक्षण
टेक्स्ट नेक की समस्या मोबाइल फोन या लैपटॉप आदि का गर्दन झुकाकर इस्तेमाल करने की वजह से होती है। इस समस्या की वजह से बॉडी पोश्चर में भी बदलाव आने लगता है। अगर इस समस्या को लेकर समय रहते सही कदम नहीं उठाया गया तो यह आगे चलकर और भी परेशान कर सकती है। टेक्स्ट नेक के प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।
– पीठ, गर्दन और कंधों में सामान्य और तेज दर्द
– सिरदर्द
– गर्दन को आगे की तरफ ले जाते समय दर्द होना
– गर्दन, ऊपरी पीठ और कंधों में जकड़न
– सिर का आगे की ओर झुका रहना और कंधों का पोश्चर गोल होना
बचने के लिए व्यायाम
टेक्स्ट नेक की समस्या से बचने के लिए आप इन योगासनों का नियमित अभ्यास जरूर करें।
– चिन ग्लाइड्स
– एक्टिव चिन ग्लाइड्स
– आइसोमेट्रिक हेड प्रेस
1. चिन ग्लाइड्स
यह एक्सरसाइज सर्वाइकल से जुड़ी समस्याओं में बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसका नियमित अभ्यास डीप सर्वाइकल फ्लेक्सर्स और सर्वाइकल एक्सटेंसर आदि को मजबूती देने का काम करता है। सिर और गर्दन के पोश्चर को दोबारा ठीक करने में यह फायदेमंद मानी जाती है।
चिन ग्लाइड्स करने का तरीका
– सीधे खड़े हो जाएं।
– अपने हाथों की दो उंगलियों से चिन (ठुड्डी) को दबाते हुए पीछे की तरफ ले जाएं।
– अब सिर को आगे लाएं, इस दौरान शरीर को स्थिर और सीधा रखें।
– लगभग 10 बार इस एक्सरसाइज को दोहराएं।
2. एक्टिव चिन ग्लाइड्स
एक्टिव चिन ग्लाइड्स का अभ्यास करने से गलत पोश्चर में बैठने वाले लोगों को होने वाली गर्दन दर्द की समस्या में आराम मिलता है। इसके अभ्यास से गले और गर्दन के ख़राब पोश्चर को सही करने में भी मदद मिलती है।
कैसे करें एक्टिव चिन ग्लाइड्स?
– दीवार के सहारे सीधे खड़े हो जाएं।
– अब दीवार पर हथेलियों से दबाव डालते हुए गर्दन को पीछे की तरफ ले जाएं।
– कंधों को सीधा रखें।
– कुछ देर गर्दन को पीछे की तरफ रखने के बाद आगे लाएं और फिर वही प्रक्रिया दोहराएं।
3. आइसोमेट्रिक हेड प्रेस
टेक्स्ट नेक की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक्सरसाइज बेहद फायदेमंद होती है। इसके नियमित अभ्यास से गर्दन की मांसपेशियों को लचीला और मजबूत करने में फायदा मिलता है।
कैसे करें आइसोमेट्रिक हेड प्रेस का अभ्यास?
– दीवार के पास खड़े हो जाएं।
– दीवार पर एक तौलिया लगाकर उस पर अपना सिर टिका लें।
– तौलिये पर सिर को पीछे की तरफ प्रेस करें और थोड़ी देर रुकने के बाद छोड़ दें।
– इसी प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं।
बचाव
सबसे पहली और सबसे जरूरी बात आपको मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित करना है।
लगातार टेक्‍स्‍ट मैसेज लिखने की बजाए वॉइस कॉल का इस्तेमाल करें। यह ज्यादा सुविधाजनक विकल्प है और इसका असर गर्दन और कंधे पर नहीं पड़ता।
अगर आपकी प्रोफेशनल मजबूरियों के चलते आपको लगातार मोबाइल पर टेक्‍स्‍ट करना पड़ता है, तो ऐसी कम्फर्टेबल पॉजिशन चुनें, जिसमें गर्दन और कंधों को आगे की तरफ न झुकना पड़े।
अपने वर्कआउट रूटीन में हर रोज गर्दन और कंधों से जुड़े व्यायाम जरूर शामिल करें।
जब भी यह लगे कि गर्दन में अकड़न हो रही है, तो इस तरह के आसान व्यायाम करती रहें।
विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन संरक्षक शाकाहार परिषद् A2 /104 पेसिफिक ब्लू ,नियर डी मार्ट, होशंगाबाद रोड, भोपाल 462026 मोबाइल ०९४२५००६७५३

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