वार्षिक पुरस्कार अलंकरण, अधिवेशन सम्पन्न

0
18
आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हुआ आयोजन
पं. जवाहर लाल भिंडर, डॉ शीतलचंद्र जैन जयपुर, हसमुख गांधी इंदौर व पारस लाल जी जैन उदयपुर हुए पुरस्कृत
प्रभावना जनकल्याण परिषद के तत्वावधान में हुआ आयोजन
सलुम्बर, जिला उदयपुर, राजस्थान। परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी आचार्य  पदारोहण शताब्दी वर्ष 2024 -25 के अंतर्गत प्रभावना जनकल्याण परिषद के तत्वावधान में वार्षिक अधिवेशन और पुरस्कार अलंकरण समारोह-2023 का आयोजन जैन समाज सलूम्बर के आयोजकत्व में 10 जनवरी 2024 को दोपहर 2 बजे से जैन बोर्डिंग हाउस सलुम्बर जिला उदयपुर राजस्थान में हर्षोउल्लास पूर्वक सम्पन्न किया गया।
आयोजन का शुभारंभ प्रोफेसर ज्योति बाबू जी जैन उदयपुर के मंगलाचरण से हुआ। चित्र अनावरण व दीप प्रज्ज्वलन विद्वानों, अतिथियों व समाज श्रेष्ठियों ने किया।
इस मौके पर परिषद के फोल्डर का विमोचन किया गया। पुरस्कार संयोजना और पुरस्कारों की घोषणा पुरस्कार संयोजक डॉ सुनील संचय ललितपुर ने प्रस्तुत की। अध्यक्ष सुनील शास्त्री टीकमगढ़ ने परिषद का परिचय प्रस्तुत किया।
 इस अवसर पर बहुमुखी प्रतिभा संपन्न महा व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया। पुरस्कार अलंकरण समारोह में विद्यान्वेषी आचार्य श्री वर्धमानसागर पुरस्कार प्रख्यात मनीषी पंडित श्री जवाहर लाल जैन भींडर उदयपुर को प्रदान किया गया। हालांकि वे अस्वस्थता के कारण समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। कार्यक्रम के अगले दिन आयोजन समिति ने उदयपुर स्थित उनके निवास पर जाकर उन्हें यह पुरस्कार समर्पित किया। इस पुरस्कार के पुण्यार्जक श्री महावीर प्रसाद, श्री कैलाशचंद ,श्री विनोद पाटनी उरसेवा मदनगंज किशनगढ़ रहे। इस पुरस्कार में 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
पंडित इन्द्रमणी जैन-संगीतकार रविंद्र जैन स्मृति  पुरस्कार  देश के जाने-माने मूर्धन्य मनीषी परम आदरणीय डा शीतलचंद जैन प्राचार्य  जयपुर को प्रदान किया गया। पुरस्कार पुण्यार्जक डॉ.  मणीन्द्र जैन जी दिल्ली ने 31 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया। धर्म शिरोमणी आचार्य श्री धर्मसागर पुरस्कार   सी ए पारस लाल जी जैन उदयपुर को प्रदान किया गया। पुरस्कार  पुण्यार्जक श्री पदमचंद महेंद्र जी धगड़ा सीकर वाले चेन्नई रहे। इस पुरस्कार में 21 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया।
बाबू बालचंद  मलैया स्मृति पुरस्कार  जैन युवा रत्न श्री हंसमुख गांधी इंदौर को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के पुण्यार्जक श्री महेश कुमार जी कपिल कुमार जी मलैया सागर रहे। इस पुरस्कार में 21 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया।
धर्मसभा में  आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज ने अपने देशना में बताया कि विद्वत्ता का सम्मान और ज्ञानियों का सम्मान करने से ज्ञान का क्षयोपशम होता है । आचार्यश्री ने स्याद्वाद महाविद्यालय के अवदान को रेखांकित करते हुए बताया कि पंडित गणेशप्रसाद जी वर्णी ने जैन विद्वानों को तैयार करने के लिए स्याद्वाद महाविद्यालय  को वाराणसी में प्रारंभ किया था। आज पुरस्कृत डॉ शीतलचंद्र  जी  सहित अनेक विद्वानों ने वहां शिक्षा प्राप्त की। आज के परिपेक्ष्य में नए विद्वानों  की आवश्यकता है।  जिनवाणी को विद्वान और मुनिराज समाज के सामने प्रस्तुत करते हैं ।
 आचार्य श्री ने आचार्य शांति सागर जी आचार्य पदारोहण शताब्दी  महोत्सव वर्ष में विद्वानों के सम्मेलन की आवश्यकता प्रतिपादित की। इसके पूर्व  मुनि श्री हितेंद्रसागर जी महाराज ने आचार्य शांति सागर जी महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व प्रकाश डाला और बताया कि आचार्य शांतिसागर जी का अवदान अविस्मरणीय और अनुपम  है।
इस अवसर पर डॉ मणीन्द्र जैन दिल्ली, कैलाश पाटनी मदनगंज किशनगढ़, राजेश रागी बकस्वाहा, पंडित पवन दीवान सागर, डॉ हरिश्चंद्र जैन मुरैना, डॉ ज्योति बाबू जैन उदयपुर, सुनील शास्त्री टीकमगढ़, प्रद्युम्न शास्त्री जयपुर, डॉ. सुनील संचय ललितपुर,राजेंद्र महावीर सनावद, मनीष विद्यार्थी शाहगढ़, राजेश पंचोलिया इंदौर, रमेश शास्त्री जोबनेर, अनिल शास्त्री सागर, विनोद शास्त्री सावला, अंकित शास्त्री सोजना आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री पंडित प्रद्युम्न शास्त्री जयपुर ने किया। कार्यक्रम को अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।
सलूंबर जैन समाज  के  प्रभुलाल,दिनेश,शांतिलाल, मनोहर लाल, सुशील मिंडा मणि लाल द्वारा सभी विद्वानों का श्रीफल,शाल, पगड़ी,माला, स्मृति चिन्ह से स्वागत किया। आचार्य श्री शांति सागर जी एवम पूर्वाचार्यों के चित्र का अनावरण , दीप प्रवजल्लन , तथा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण प्रक्षालन, जिनवाणी भेट अतिथियों व विद्वानों ने किया।
इस मौके पर श्री नथमल मिंडा, सुनील, विमलकांत संजय जैन सलूम्बर ने आचार्य श्री शांतिसागर पुरस्कार व  हसमुख गांधी इंदौर ने श्रुतसेवी यंग अवार्ड पुरस्कार के पुण्यार्जक बनने की घोषणा की।
परिषद की आयोजित बैठक में सर्व सम्मति से आगामी तीन वर्ष के लिए नवीन कार्यकारणी की घोषणा की गई जिसमें श्री राजेश रागी बकस्वाहा को  सर्व सम्मति से अध्यक्ष बनाया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here