विश्व स्तनपान सप्ताह- विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल

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स्तनपान को प्रोत्साहित करने और दुनिया भर के शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए हर साल 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह  मनाया जाता है। इसकी शुरूआत अगस्त 1990 में हुई थी। विश्व स्तनपान सप्ताह घोषित किए जाने का उद्देश्य स्तनपान को बढ़ावा देना था, जिससे शिशुओं को सही पोषण और उनका स्वास्थ्य बेहतर किया जा सके। इस मिशन में विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और अन्य संगठन शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, स्तनपान माताओं और बच्चों, दोनो के लिए बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। स्तनपान को बढ़ावा देकर हर साल 8 लाख से अधिक जानें बचाई जा सकती है, इनमें ज्यादा संख्या 6 महीने से कम उम्र के बच्चों की है। स्तनपान कराने से माताओं को स्तन कैंसर, डिम्बग्रंथि के कैंसर, टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोगों के होने की संभावना कम हो जाती है। यह अनुमान लगाया गया है कि स्तनपान कराने से स्तन कैंसर के कारण हर साल होने वाली 20 हजार माताओं की जानें बचाई सकती है।
डब्ल्यूएचओ, जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को 6 महीने का होने तक स्तनपान कराने की सलाह देता है। बच्चों को दो साल तक या उससे ज्यादा समय तक स्तनपान कराते रहना चाहिए साथ में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को जोड़ा जाना चाहिए।
डब्ल्यूएचओ, की पूरी गाइडलाइन
चाइल्डबर्थ के बाद मां के लिए खुद का और नवजात बच्चे का ध्यान रखना सबसे कठिन काम होता है। इस दौरान मां को खुद की सेहत का ध्यान रखने के साथ-साथ शिशु की देखरेख करना होता है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें प्रेगनेंसी के बाद और बच्चे के जन्म के बाद मां और बच्चे का ध्यान रखने और देखरेख से जुड़ी बातें बताई गयी हैं। एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर में 10 में से 3 महिलाओं और बच्चों को जन्म के बाद सही शुरूआती देखभाल नहीं मिलती है। बच्चे को जन्म देने के बाद कई बार मां की स्थिति काफी गंभीर हो जाती है और इसका असर बच्चे पर भी देखने को मिलता है। महिलाओं को डिलीवरी के बाद और बच्चे को जन्म के बाद शुरूआती देखभाल सही ढंग से न मिलने की वजह से उनमें कई गंभीर बीमारियां और समस्याएं पनप सकती हैं। ऐसे में बच्चे और मां की सही पोस्टपार्टम देखभाल के लिए आप डब्ल्यूएचओ द्वारा बताई गयी इस गाइडलाइन का पालन कर सकते हैं।
डिलीवरी के बाद नवजात शिशु और मां की सही तरीके से देखभाल न होने की वजह से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर की हर 10 में से 3 महिला इस समस्या से जूझ रही है। बच्चे को जन्म देने के बाद मां की गुणवत्तापूर्ण देखभाल न होने से उसका शरीर कमजोर हो सकता है और इसकी वजह से कई गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं अगर बच्चे की सही तरीके से देखभाल नहीं होती है तो इसकी वजह से उसे भी स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ अंशु बनर्जी के एक बयान के मुताबिक बच्चे के जन्म के बाद मां को और अधिक गुणवत्तापूर्ण देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए आप विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी इस गाइडलाइन का ध्यान जरूर रखें।
1. विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन में कहा गया है कि बच्चे को जन्म देने के बाद मां को ब्रेस्टफीड कराने को लेकर काउंसलिंग जरूर करानी चाहिए। इससे मां को इस बात की सही जानकारी होगी कि बच्चे को सही तरीके से ब्रेस्टफीड कैसे कराना है। बच्चे के लिए जन्म के बाद मां का दूध बहुत जरूरी होता है और इसके लिए बच्चों को स्तनपान कैसे कराना है इसकी जानकारी जरूर होनी चाहिए।
2. बच्चे को जन्म देने के बाद कम से कम 24 घंटे के लिए मां और बच्चे की सही ढंग से देखभाल की जारी चाहिए। इस दौरान मां और बच्चे को हाई क्वालिटी हेल्थ सपोर्ट दिया जाना चाहिए।
3. नवजात शिशु की सही तरीके से शुरूआती देखभाल के लिए माता-पिता को जरूर आगे आना चाहिए।
4. डिलीवरी के बाद महिला को पोस्ट प्रेगनेंसी डिप्रेशन  और स्ट्रेस जैसी मानसिक समस्याओं का शिकार होने से बचाने के लिए उनकी नियमित रूप से स्क्रीनिंग जरूर होनी चाहिए।
5. डिलीवरी के बाद एक्सपर्ट डॉक्टर के सुझाव के अनुसार समय-समय पर हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए।
6. बच्चे को जन्म देने के बाद मां के लिए सबसे जरूरी होता है सही डाइट का पालन करना। सही और संतुलित डाइट का सेवन करने से आपका शरीर कमजोर नहीं होता है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है। इसलिए आपको डाइट में साबुत अनाज, सब्जी और फल के साथ-साथ प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल करें। जो महिलाएं स्तनपान करा रही हैं उन्हें पर्याप्त पानी भी जरूर पीना चाहिए।
डिलीवरी के बाद मां और नवजात शिशु की सही ढंग से देखभाल न करने से दोनों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर डिलीवरी के बाद छह सप्ताह के भीतर आपको हेल्थ चेकअप के लिए बुलाया जाता है। आपको डिलीवरी के बाद अपने हेल्थ चेकअप की डेट मिस नहीं करनी चाहिए।
विद्यावाचस्पति  डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन संरक्षक शाकाहार परिषद् A2 /104  पेसिफिक ब्लू, नियर डी मार्ट ,होशंगाबाद रोड, भोपाल 462026  मोबाइल ०९४२५००६७५३

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