सनावद जैन समाज के इतिहास में पहली बार तीन चिताएं एक साथ जली

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सनावद/तीन दिन लगातार भारी बारिश के बाद 17 सितम्बर रविवार की सुबह जैसे ही मौसम खुला कि पहली खबर आई कि जैन समाज की श्रीमती सुमन बाई कासलीवाल (85) फिर श्री गजेंद्र बाकलीवाल( 65)फिर श्री जिनेन्द्र कुमार जैन( 85)कातोरा  का निधन हो गया है। वरिष्ठ समाज सेवी श्री महेन्द्र कुमार सराफ ने बताया कि यह सनावद के इतिहास में पहली बार हुआ है कि जैन समाज के तीन समाजजन एक ही दिन में स्वर्गस्थ हुए हो। समाज जनों के निर्णय के अनुसार तीनो की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। जैन मुक्ति घाम पर अंतिम संस्कार किया गया जिसमें सैकड़ों नगरवासियों ने सम्मिलित होकर श्रद्दांजलि अर्पित की। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुरेश रांका ने बताया कि भीषणकाल  कोरोना संकट के समय भी जैन समाज के तीन व्यक्ति एक दिन में स्वर्गवासी नही हुए हैं। यह इतिहास में पहली बार हुआ है। स्वर्गीय गजेंद्र बाकलीवाल वरिष्ठ समाजसेवी व्यक्तित्व के धनी व मिलनसार थे । उनके भाई श्री संतोष बाकलीवाल ने बताया कि दो दिन पूर्व ही श्री गजेन्द्र बाकलीवाल सम्मेदशिखर जी की वंदना कर सकुशलता से लौटे थे ।स्वर्गीय श्रीमती सुमन बाई कासलीवाल  अपने पुत्र संजय कासलीवाल  प्रकाश उपभोक्ता भंडार के साथ व्यापार में सहयोगी थी। स्वर्गीय श्री जिनेन्द्र कुमार जैन सेवानिवृत्त शिक्षक थे। मुनि त्यागी कमेटी के मुकेश जैन पेप्सी ने बताया कि विगत 20 वर्षों से सेवानिवृत्त जीवन जी रहे स्वर्गीय जिनेन्द्र जी की एक पुत्री ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की थी और क्षीर मति माता जी के रुप में समाधि हुई थी।अनेक स्नेहीजनों ने श्रद्दांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना सामान्य रूप से हुई लेकिन नगर के इतिहास के लिए चर्चा का विषय बन गई ।इसके पूर्व दो समाजजनों का निधन एक दिन हुआ था। उल्लेखनीय हैं कि सनावद नगर में जैन समाज का मुक्ति धाम बना हुआ है ,जिसमे तीन चिताओ को एक साथ अग्नि संस्कार किया गया।

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