मानसून में खाएं ये आहार=वचाब ही इलाज़ हैं —– विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल

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मानसून के दौरान संक्रामक रोग बहुत ही होता है। इसमें डेंगू, चुकनगुनिया, मलेरिया, डायरिया, टाइफाइड,पीलिया और वायरल बुखार शामिल है। यह बीमारियां तब और ज्यादा हावी हो जाती है जब आपकी इम्यूनिटी बहुत ही कमजोर हो। मानसून में इम्यूनिटी को बढ़ाने वाले तथा बीमारियों को दूर रखने वाले कुछ आहारों के बारे में जानते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर लहसुन प्रतिरक्षा या इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है। आप अपने पसंद के किसी भी भोजन में लहसुन की कली को कुचलकर डाल सकते हैं। लहसुन का आनंद लेने का सबसे स्वादिष्ट और स्वस्थ तरीके में से एक लहसुन रसम है।
लहसुन के अलावा मानसून में बीमारियों से बचने के लिए आप अदरक का भी सेवन कीजिए। आप अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं। अदरक की फेरी नेचर आपके मनोदशा को बढ़ाती है और साथ ही साथ आपके मेटाब्लॉजिम को भी बढ़ा देती है। गर्म पानी के एक कप में कुछ अदरक डालें और नींबू में निचोड़ लें तथा 1 चम्मच शहद मिलाएं। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आपकी दैनिक खुराक तैयार है।
सुनहरे रंग का यह मसाला हल्दी एक अच्छी तरह से स्वीकार्य प्रतिरक्षा या इम्यूनिटी बढ़ाने वाला एजेंट है। यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक एजेंट भी है। जब आप खांसी या बुखार का सामना करते हैं, तो आपके लिए हल्दी दूध पीना बहुत ही लाभकारी होता है।
हल्दी ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए भी जाना जाता है। मानसून की बीमारियों से खुद को बचाने के लिए आधा चम्मच हल्दी के साथ एक गिलास दूध पी सकते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाने को लेकर नाशपाती की क्षमता की बात ज्यादा नहीं की जाती। हालांकि, यह जानना वास्तव में आश्चर्यजनक है कि यह कुरकुरा फल मिश्रित विटामिन और खनिजों का एक खजाना है, जो वास्तव में मानसून के दौरान बीमारियों से आपको बचाता है।
फाइबर का एक अच्छा स्रोत नाशपाती में तांबा, विटामिन सी और विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा पाई जाती है। नाशपाती एक प्राकृतिक एंटीपायरेटिक एजेंट है क्योंकि यह शरीर को ठंडा करने में मदद करता है और बुखार को ठीक करता है।
बुखार, खांसी, ठंड, मांसपेशियों में दर्द, फ्लू, और विभिन्न श्वसन परिस्थितियों के लिए एक प्राकृतिक प्रतिरक्षी, काली मिर्च को बरसात के मौसम में भोजन में अवश्य शामिल करना चाहिए। आप इसे सूप में डाल कर पी सकते हैं।
कहते हैं कि एक दिन में एक सेब आपको डॉक्टर से दूर रखता है। अपने संतुलित, स्वस्थ आहार के हिस्से के रूप में हर रोज एक सेब खाइए। यह बारिश के दौरान लगातार विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों में आपके लिए एक अच्छा कवर प्रदान करता है। यह भी सुनिश्चित करता है कि आपकी पाचन तंत्र ठीक तरह से काम करे।
चुकंदर पोटेशियम, फाइबर, और फोलिक एसिड सहित विटामिन और खनिज से भरपूर हैं। यह शरीर से विषैले तत्व को बाहर निकालने का काम करता है। आप मानसून मौसम के दौरान एक गिलास चुकंदर का जूस पी सकते हैं।
मानसून के ठंडे वातावरण के कारण लोग पानी का सेवन बहुत कम करते हैं। लेकिन इस दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। यह आपको मानसून के दौरान आम संक्रमण और बीमारियों के खतरे में डाल सकता है। सुनिश्चित करें कि आप कम से कम 8 गिलास पानी पी रहे हैं।
जहाँ तक बन सके फ़िल्टर का पानी या उबला पानी बहुत लाभदायक हैं .खुली मिठाइयां ,कटे फल ,बासा खाना ,तली चीज़ें से जितना बच सके बचे. इस समय अग्निमांध होने से पाचन देर से होता हैं और पेट सम्बन्धी रोग जल्दी प्रभावित करते हैं .
खाना सुपाच्य और हल्का हो .भाजियों का उपयोग न करे .हरे धनिया को होटल में बिना धुले उपयोग करने से आंव रोग शीघ्रता से होते हैं .
इस दौरान हर व्यक्ति को हल्का और सुपाच्य खाना खाना चाहिए .विशेषकर मांसाहारियों को मांस ,मच्छली ,अंडा नहीं खाना चाहिए ,मांस में ४८ मिनिट के बाद बैक्टेरिया उतपन्न होने से जहरीला होता हैं .दूषित पानी के कारण मछलिया भी हानिकारक होती हैं .अंडा का उत्पादन और प्राप्ति स्थल मुर्गी के जननांग होने से भी जहर का काम करती हैं .
हमें 5 ऍफ़ से बचना चाहिए — फिलाइस(मख्खियां ) ,फिंगर(हाथ के नाख़ून ) ,फ़्लूइएड (पानी ) ,फैसेस(मल ) फ़ूड (खाना ) इनसे संक्रमण शीघ्र फैलता हैं . इसके अलावा हमारे यहाँ बुजुर्ग लोग बरसात में एक ही समय खाना खाना पसंद करते हैं .कारण पित्त शांत हो जाता हैं .क्योकि हमारा शरीर सूर्य से प्रभावित होता हैं .अधिक बिलम्व से खाना खाने से पाचन न होने से अपचन जैसे रोग होते हैं ,,इस समय दही ,छाछ के साथ जीरा ,काला नमक लाभकारी होता हैं .अजवाइन भी इन दिनों लाभकारी होता हैं .
लाइट डाइट लॉन्ग लाइफ .जी हाँ .
विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन संरक्षक शाकाहार परिषद् A2 /104 पेसिफिक ब्लू ,नियर डी मार्ट, होशंगाबाद रोड, भोपाल 462026 मोबाइल ०९४२५००६७५३

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