महावीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भोपाल की आप बीती

0
73

(भोपाल जैन समाज सजग और जाग्रत हो )
(मुझे तो लूट लिया समाज के ईमानदारों ने !)
महावीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज भोपाल की आप बीती —— विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैनभोपाल
———————————————————————————————————————
कोई भी मनुष्य जन्म से महान नहीं बनता या माना जाता बल्कि वह कर्मों से महान बनता हैं और कोई बनाता नहीं .सरकार को बेईमानों से डर नहीं लगता बल्कि ईमानदारों से ,ईमानदार जितने सुन्दर दिखते हैं अंदर से कलुषता रहती ही हैं .एक बात यह जगजाहिर हैं की एक पशु जो सबसे गन्दी वस्तु खाता हैं पर वह अकेला खाना चाहता हैं ,पर मिम्स को सड़ा– गला दीन– हीन समझकर कऊआ जैसा नौच रहे हैं .
महावीर क्षत्री हैं ,क्योकि महान आत्मा हमेशा हमारे बीच में रहती हैं ,आज भी हम यह कहते हैं भगवान महावीर ने कहा ,यह नहीं कहते की उन्होंने कहा था .जबकि हम न रहने पर बोले जायेंगे की वे थे .क्षत्री धर्म का पालन अब वणिक करने लगे जिसमे लाभ हानि की तुला सामने रखी जाती हैं . बिना कारण के कोई कार्य नहीं होता हैं जहाँ धुआं होगा वहां आग निश्चित होती हैं .हमें आपने आचरण ,चरित्र कर्म ऐसे करने चाहिए की हम आइना के सामने अपना अक्स देखे तो अपनी कालिख को आइना में न मिटायें .
बनिया बुद्धि हमेशा हानिकारक होती हैं जब समूह में हो और अकेले में सभी सफलतम व्यापारी हैं .सब ईमानदार हैं ,सब व्यापार में क़र्ज़ समय से चुकाते हैं क्योकि निज धन हैं पर सामाजिक संस्थानों में खाओ री चिड़िया, खाओ रे खेत .भरी भरी चिड़िया, भरा भरा खेत
बिना आधार के कोई कलम नहीं चलती हैं .कलम चलाने के लिए आत्मशक्ति ,आत्मबल और साहस चाहिए जिस कारण लिखने को बाध्य हूँ .
मैं सभी संस्था के पदाधिकारियों से आग्रह करता हूँ कि आप आज शाम को शांत भाव से अलग अलग बैठे और पहले आलोचना पाठ पढ़े ,फिर सामायिक और अंत में प्रतिक्रमण कर आत्म चिंतन कर प्राश्चित करे और सही में गलती की हैं तो आत्मसुधार करे अन्यथा पद छोड़े .नेहरू के बाद कौन ?पर देश चला और चलेगा .
सभी पदाधिकारी अहम भाव में हैं कोई किसी को आदर नहीं देना चाहता .अनेकांत को जीवन व्यवहार में उतारना होगा ,एकान्तवाद विनाश की ओर ले जायेगा .वैसे जो भी पदाधिकारी हैं वे समाज के चुने हुए प्रतिष्ठित होते हैं जिनकी नाक ऊँची होती हैं पर यहाँ कटा रहे हैं ,समाज के साथ स्वयं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं जो मान्य नहीं हैं .
विगत दिनों एक संस्था द्वारा जो जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया हैं उसमे जितनी अधिकतम अनियमितायें बरती गयी हैं का खुलासा किया गया हैं .जो स्तुत्य और वंदनीय हैं .इस आधार पर यह संस्था अन्य को सौपकर पदाधिकारी पदमुक्त हो जिससे आने वाली पीढ़ी को सुधार का अवसर मिल सके .
नेता, अभिनेता,व्यापारी ,कुशल भ्र्ष्ट सेवानिवृत प्रशासकीय अधिकारी ,चिंतक .समाज सुधारक की जगह योग्य हाथों को स्वेच्छा से हस्तगत कर अपना मुख कृष्ण पक्ष से उजाले पक्ष में लाये .हांडी का एक चावल बहुत होता हैं यहाँ तो पूरी हांड़ी कंकड़ों से भरी हैं ,यहाँ से अर्थ /पैसा हटा लिया जाय तो कोई भी वहां नहीं रहेगा .कारण सुखी हड्डी कौन चूसना चाहेगा .
निष्पक्ष जाँच हो और आर्थिक अनियमितताओं की जाँच कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किया उचित होगा .
विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन संरक्षक शाकाहार परिषद् A2 /104 पेसिफिक ब्लू ,नियर डी मार्ट, होशंगाबाद रोड, भोपाल 462026 मोबाइल ०९४२५००६७५३

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here