हृदय रोगों से बचने के लिये उच्चरक्तचाप को नियंत्रित करना आवश्यक- डा. प्राशुका

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यमुनानगर, 28 जून (डा. आर. के. जैन):
भारत दुनिया की हृदय रोग राजधानी है और उच्च रक्तचाप 30 प्रतिशत वयस्क आबादी को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में से एक है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के लिए इस वर्ष का लक्ष्य है कि अपने बी. पी. (रक्तचाप) को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें। सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल बैंगलोर में क्लिनिकल कार्डियोलॉजी में फेलोशिप कर रही डा. प्राशुका जैन ने जाकनारी देते हुये बताया कि सटीक बी. पी. जांच ेपड़ोस के क्लिनिक के साथ-साथ घर पर भी की जा सकती है। पर्याप्त आराम करना और घर के किसी शांत कोने में पीठ को आराम देकर कुर्सी पर सीधा बैठना महत्वपूर्ण है। फिर बी. पी. मशीन के कफ को आर्मरेस्ट पर अच्छी तरह से रखकर बांह पर बांधना चाहिए और बी. पी. रीडिंग को स्वचालित डिजिटल मॉनिटर द्वारा मापा जा सकता है। अपने डॉक्टर को अगली जांच पर प्रस्तुत करने के लिए रिकॉर्ड की गई रीडिंग को ठीक से नोट किया जाना चाहिए।
हाई बी. पी. आनुवंशिकी (जो निश्चित रूप से हमारे हाथ में नहीं है) या हमारी खराब जीवनशैली की आदतों के कारण हो सकता है। जीवनशैली में संशोधन से हमें उच्च रक्तचाप को रोकने के साथ-साथ प्रभावित आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। जंक फूड, अचार या यहां तक कि स्वाद बढ़ाने के लिए सलाद व अन्य चीजों पर छिडक़े जाने वाले अतिरिक्त नमक के सेवन को नियंत्रित करना जरूरी है, और हमें अपने आहार में फलों को शामिल करना चाहिए।
दूसरे, वयस्कों में रोजाना 30 मिनट तक तेज चलना और बच्चों और किशोरों में सप्ताह में पांच दिन एक घंटे तक तेज चलना उच्च रक्तचाप को रोकने और नियंत्रित करने में काफी मदद कर सकता है। जिन लोगों को अधिक समय तक बैठना पड़ता है, उन्हें हर 30 मिनट में घूमने की सलाह दी जाती है। आहार और शारीरिक गतिविधि कुल मिलाकर वजन को नियंत्रण में रखेगी।
एक बार जब उच्च रक्तचाप स्थापित हो जाए तो उचित उपचार लेकर इसे नियंत्रित करना चाहिए। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने से हृदय संबंधी बीमारियों और उससे होने वाली मृत्यु दर में कमी आएगी। हमारा लक्ष्य समय से पहले होने वाली मौतों से बचने और लंबे समय तक और स्वस्थ रहने के लिए उच्च रक्तचाप को रोकना और नियंत्रित करना होना चाहिए।
उच्च रक्तचाप से निपटने के लिए स्वस्थ आहार, स्वस्थ वजन और नियमित व्यायाम करना चाहिए। यदि हम धूम्रपान न करें, शराब का सेवन सीमित करें, पर्याप्त नींद लें तो जीवन के और अधिक वर्ष जोड़े जा सकते हैं।
फोटो नं. 1 एच.
जानकारी देते डा. प्राशुका जैन……………..(डा. आर. के. जैन)

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