घट यात्रा एवं ध्वजारोहण से होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ -मुख्यमंत्री करेंगे ध्वजारोहण

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शुक्रवार 25 नवम्बर को मनायेंगे जन्म कल्याणक महोत्सव

जयपुर/श्री महावीरजी – 21 वीं सदी का भगवान महावीर का प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव के अन्तर्गत भव्य पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार, 24 नवम्बर से दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी में विशाल स्तर पर शुरु होगा। वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में होने वाले इस महामहोत्सव का राजस्थान के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ध्वजारोहण कर शुभारंभ करेंगे। इससे पूर्व कटला प्रांगण से विशाल घटयात्रा जुलूस निकाला जाएगा।

24 नवम्बर से 4 दिसंबर तक चलने वाले इस महामहोत्सव में जयपुर सहित पूरे विश्व से लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे।
प्रबंधकारिणी कमेटी दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी के अन्तर्गत गठित भगवान महावीर महामस्तकाभिषेक महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुधान्शु कासलीवाल एवं महामंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी ने बताया कि 24 से 28 नवम्बर तक आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान महावीर की 24 फीट ऊंची खडगासन प्रतिमा सहित परिकरयुक्त चौबीसी एवं कमल मंदिर की नवग्रह अरिष्ट निवारक जिनालय प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा होगी।

प्रतिष्ठाचार्य संहितासूरी पं.हसमुख जैन धरियावद एवं पं.मुकेश जैन ‘मधुर’ के निर्देशन में आयोजित इस पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में गुरुवार 24 नवम्बर को ध्वजारोहण एवं गर्भ कल्याणक की क्रियाएं होगी। प्रातः कटला प्रांगण से विशाल घटयात्रा जुलूस निकाला जाएगा।जो पाण्डाल में जाकर सम्पन्न होगा। मण्डप उदघाटन,चित्र अनावरण,दीप प्रज्ज्वलन,मंगलकलश स्थापना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रातः 11.30 बजे मुख्य ध्वजारोहण से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा।इस मौके पर काफी टेबल बुक एवं महामस्तकाभिषेक स्मारिका का विमोचन भी मुख्य मंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया जाएगा।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं कार्याध्यक्ष विवेक काला के मुताबिक गुरुवार को प्रातः 6 बजे नांदी मंगल,गुरु पाद पूजा,घट यात्रा, भूमि शुद्धि, इन्द्र ध्वज,स्थम्भारोपण, मण्डप उदघाटन, चित्र अनावरण,दीप प्रज्ज्वलन, मंगल कलश स्थापना, आचार्य निमंत्रण के बाद ध्वजारोहण किया जाएगा। दोपहर में सकलीकरण, इन्द्र प्रतिष्ठा,श्री जिनाभिषेक के बाद संगीतमय याग मण्डल विधान पूजा होगी।
दोपहर 2.30 बजे से गर्भ कल्याणक एवं अन्तरंग क्रिया,गर्भावतरण, गर्भ कल्याणक पूजा होगी। सायंकाल 4.15 बजे माता का आगमन,गोद भराई उत्सव के बाद महाराजा सिद्धार्थ का राजभवन में आगमन, उदघाटन,राज सभा की क्रियाएं होगी।
सायंकाल 6.30 बजे से महाआरती के बाद रात्रि में गर्भ कल्याणक के नाटकीय दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
इसी दिन वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण चन्द्र छाबड़ा द्वारा लिखित ‘चांदन के बाबा ‘पुस्तक के नवीनतम अंक का विमोचन भी किया जाएगा।इस मौके पर उद्योग एवं देव स्थान मंत्री शकुन्तला रावत सहित कई राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य श्रेष्ठीजन उपस्थित रहेंगे।
महामंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी ने बताया कि शुक्रवार,25 नवम्बर को जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। प्रातः तीर्थंकर बालक का जन्म, जन्मोत्सव के बाद प्रवचन सभा होगी। तत्पश्चात सुमेर पर्वत हेतु जन्माभिषेक शोभा यात्रा रवाना होगी। प्रातः 11.00 बजे 1008 कलशों से इन्द्रों द्वारा जन्माभिषेक किया जाएगा। दोपहर 2.30 बजे से जन्म कल्याणक पूजा,हवन होगा। सायंकाल महाआरती के बाद शास्त्र सभा होगी। रात्रि में पालना महोत्सव में तीर्थंकर बालक को झुलाया जाएगा।
प्रचार संयोजक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि रात्रि में वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के अध्यक्ष राज कुमार कोठ्यारी के मुताबिक शनिवार,26 नवम्बर को तप कल्याणक महोत्सव, रविवार,27 नवम्बर को केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव तथा सोमवार,28 नवम्बर को मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। पूर्णाहुति के बाद नवीन वेदी में भगवान को विराजमान करेंगे।
प्रचार संयोजक विनोद जैन ‘कोटखावदा ‘के मुताबिक दोपहर में भगवान महावीर की खडगाहन प्रतिमा एवं चौबीसी प्रतिमाओं का मस्तकाभिषेक होगा।
प्रतिदिन प्रातः 9.00 बजे आचार्य श्री के मंगल आशीर्वचन होंगे। सायंकाल महाआरती, शास्त्र सभा के बाद रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। भगवान महावीर के जीवन चरित्र पर प्रदर्शनी लगाई जा रही है। राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का पूरा सहयोग महोत्सव एवं श्री महावीर जी के विकास में मिला है।
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के गौरवशाली पात्रों में भगवान के माता पिता का पुण्यार्जन किरण देवी -राजकुमार सेठी,सौधर्म इन्द्र रोहन-अमिता कटारिया, चक्रवर्ती राजा सुरेश -शान्ता पाटनी,धनपति कुबेर दीपक-विनिता सेठी,यज्ञनायक श्रीपाल -कुसुम चूड़ीवाल,ईशान इन्द्र राजेश -विमला शाह,सनत कुमार इन्द्र पवन -प्रीति गोधा, माहेन्द्र इन्द्र तीर्थेश -प्रियंका छाबड़ा,राजा श्रेणिक अंकित -नैना पाटनी, ब्रह्म इन्द्र महेन्द्र कुमार -अंजना धाकडा, ब्रह्मेत्तर इन्द्र अनिल -अंजना जैन ने किया है।

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