दस लक्षण महापर्व का पहला दिन – क्षमा आत्मोत्धान की प्रथम सीढ़ी :आचार्य प्रमुख सागर

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गुवाहाटी: फैंसी बाजार के भगवान महावीर धर्म स्थल में पर्युषण पर्व के पहले दिन क्षमा धर्म की आराधना अत्यंत भाव पूर्वक की गई। प्रात:नित्य नियम की पूजन के पश्चात दस लक्षण मंडल विधान एवं सोलहकारण मंडल विधान की संगीतमय पूजा आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ससंघ के मार्गदर्शन में की गई । इसके पूर्व सामूहिक शांतिधारा के अंतर्गत विश्व में शांति स्थापना की गई। प्रातकालीन प्रवचन में आचार्य श्री द्वारा उत्तम क्षमा धर्म पर अत्यंत सरगर्मीत  प्रवचन किया गया। क्षमा धर्म का विश्लेषण करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि क्षमा सहिष्णुता का पर्यायवाची है। भीतर और बाहर से सहज ही सहिष्णुता है। पर क्षमा जीवन है जबकि क्रोध मृत्यु। क्रोधी व्यक्ति विवेक शून्य होता है और अविवेकी कभी उत्थान को प्राप्त नहीं होता। इसलिए जीवन के उत्थान के लिए जीवन में क्षमा भाव रखना आवश्यक है ।क्षमा आत्मोत्धान की प्रथम सीढ़ी है। प्रवचन के पश्चात प्रश्न मंच, ध्यान, प्रतिक्रमण एवं सामायिक का प्रशिक्षण दिया गया। पंचायत के मंत्री वीरेंद्र कुमार सरावगी  ने बताया कि प्रयुषण पर्व एवं मौन संस्कार साधना शिविर का झंडारोहण करने का सौभाग्य झूमर मल पन्नालाल गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ।चित्र व दीप प्रज्वलन महेंद्र कुमार-बबीता देवी कासलीवाल परिवार पांडिचेरी को प्राप्त हुआ।शांतिधारा ओमप्रकाश – प्रभा देवी, संदीप कुमार, सचिन कुमार सेठी परिवार गुवाहाटी एवं नेमीचंद छाबड़ा परिवार गुवाहाटी को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री का चरण प्रक्षालन संतोष कुमार, आलोक कुमार छाबड़ा परिवार गुवाहाटी को प्राप्त हुआ।
प्रचार प्रसार संयोजक ओम प्रकाश सेठी ने बताया कि पर्युषण पर्व के अवसर पर संध्याकालीन भक्ति परक गीत संगीत का अत्यंत आकर्षक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। जिसका मंच का संचालन शुभांशु जैन एवं प्रीति जैन जबलपुर ने किया। इस अवसर पर काफी संख्या में गुरु भक्ति एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे। यह जानकारी प्रचार-प्रसार के सह संयोजक सुनील कुमार सेठी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।।

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