भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान भगवान तुल्य कहा है : मुनि निरंजनसागर

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जैतहरी । नगर के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में सकल दिगंबर जैन समाज जैतहरी द्वारा शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें यहां विराजमान राष्ट्रहित चिंतक संत शिरोमणि दिगंबर जैनाचार्य 108 श्री विद्यासागर जी मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 निरंजन सागर जी महाराज ने शिक्षकों में थॉट जनरेटिंग प्रोसेस, स्टोरी मेकिंग प्रोसेस एवं ब्रेन डेवलपमेंट प्रोसेस के माध्यम से एक नई ऊर्जा का संचार किया। महानगरों के विद्यालयों में अपनाई जा रही इन आधुनिक शिक्षण पद्धति से सभी शिक्षकों को अवगत कराया ।
जैतहरी के हर्ष जैन व तरुण जैन ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न माध्यमों,उदाहरणों एवं शॉर्ट स्टोरी के माध्यम से मुनिश्री जी ने बताया कि आप किसी भी कठिनतम विषय वस्तु को सरलतम बना सकते है , जिसके माध्यम से बच्चे थ्योरिटिकल नॉलेज के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज को भी प्राप्त कर सके। जिससे वे संबंधित विषयवस्तु को आत्मसात कर सके और उन्हे उनके विषय रुचिकर लगने लगे। जिस प्रकार बिना रुचि के स्वादिष्ट पकवान भी आनंद नही देता उसी प्रकार बिना रुचि के सब्जेक्ट भी बच्चे अच्छे से नही समझ पाते, जिनका परिणाम यह निकलता है की परीक्षाकाल में बच्चे अपना आत्मसंयम खो देते है और यहां तक कि आत्महत्या तक के कदम को भी उठा लेते है । मुनिश्री ने बताया कि कैसे एक सामान्य से व्यक्ति में भी विशेष व्यक्तित्व को निखारा जा सकता है, पॉजिटिव थॉट के विषय में एक नए अनुभव को शिक्षकों के सामने रखा , जिसे सुन सभी शिक्षकों ने कहा कि ऐसा कभी हमने न आज तक सुना था और न ही सोचा था। शिक्षकों के द्वारा किए गए प्रश्नों का भी मुनिश्री जी ने बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से उत्तर देकर सभी को संतुष्ट किया। आयोजित कार्यशाला में उपस्थित रामप्रसाद गुप्ता (वरिष्ठ व्यवसायी) , जैतहरी नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुनीता जैन , सकल जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष भागचंद जैन (शासकीय सेवानिवृत्त शिक्षक) एवं जैन समाज उपाध्यक्ष मनीष कुमार सांधेलिया द्वारा विद्यालय प्राचार्य एवं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। जैन समाज की तरफ से उपाध्यक्ष मनीष सांधेलिया द्वारा विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया । विद्यालय परिवार द्वारा मुनिश्री जी एवं समस्त आगंतुक अतिथियों की आगवानी की गई और अपने आपको ऋणी मानते हुए प्राचार्य दीपक उर्मलिया ने कृतज्ञता व्यक्त की ।

🙏 वरिष्ठ पत्रकार राजेश जैन रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा

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