अपने में जियो और मस्त रहो: आचार्य प्रमुख सागर महाराज

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गुवाहाटी : आत्मा की मृत्यु नहीं है। वह बाल, वृड, युवा, भी नही है न ही उसका जन्म-मरण है।यह सब इस शरीर रूपी पुडगर्ल का है। इसलिए इतना भयभीत दुखी होना जरूरी नहीं है। बाल, वृड, युवा यह सब शरीर की व्यवस्थाए है, इनको आत्मासात मत करो। उन्होंने कहा की जो अतीत की सोचता है वह वृड है, जो भविष्य की कल्पनाओं में लगा है वह बच्चा है, और जो वर्तमान में जी रहा है वही युवा है और जो युवा है वही वायु बन कर बड़े से बड़े कर्मों के पहाड़ को काट कर अपना सिर्धशिला जाने का रास्ता बना लेता है। यह उक्त बातें आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने गुरुवार को फैंसी बाजार स्थित भगवान महावीर धर्म स्थल में एक धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा की प्रेजेंट में जीओ, क्योंकि पास्ट-सपना है, फ्यूचर – कल्पना है, और प्रेजेंट ही अपना है। इसीलिए अपने में जिओ,और मस्त रहो। इससे पूर्व आज श्री दिगंबर जैन पंचायत गुवाहाटी के पदाधिकारीयों ने आचार्य श्री से भेंट कर आगामी 26 से 30 जनवरी तक होने वाले पंच- कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के विषय में विचार-विमर्श किया। आचार्य श्री ने उपस्थित सभी पदाधिकारीयों को अपना मंगल आशीष प्रदान किया। इस अवसर पर पंचायत के उपाध्यक्ष कमल कुमार गंगवाल, ओमप्रकाश सेठी संजय रारा, विजय कुमार चूड़ीवाला, अशोक कुमार छाबड़ा आदि लोग उपस्थित थे। यह जानकारी प्रचार प्रसार के सहसंयोजक सुनील कुमार सेठी द्वारा दी गई है।

 

 

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