तप धर्म का महत्व सर्वोपरि है: आचार्य प्रमुख साग

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गुवाहाटी : पिछले दस दिनों से चल रहे पयुषण महापर्व कें अंतिम दिन स्थानीय भगवान महावीर धर्म स्थल में एक समान समारोह के दौरान असम के राजकीय अतिथि आचार्य प्रमुख सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में दस लक्षण व्रत का पालन करने वाले सभी व्रतधारीयो का समाज की ओर से सामूहिक अभिनंदन किया गया। इस मौके पर पंचायत के चेयरमैन महावीर प्रसाद छाबड़ा ,अध्यक्ष महावीर जैन (गंगवाल ),मंत्री वीरेंद्र कुमार सरावगी, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सेठी, आलोक छाबड़ा ,भागचंद छाबड़ा, सुधा गंगवाल ,सुधा काला,संजय रारा आदि लोगों ने सोलहकारण एवं दस लक्षण व्रत करने वाले लोगों का अभिनंदन किया। इस बार 41 लोगों ने सोलहकारण एवं 190 लोगों ने दस लक्षण व्रत का पालन किया। इस मौके पर आचार्य श्री ने कहा कि धर्म का पालन अनेक प्रकार से किया जाता है। मगर तब धर्म का महत्व सर्वोपरि है, क्योंकि जैसे मक्खन से घी निकालने के लिए बर्तन को गर्म करना आवश्यक है, उसी प्रकार कर्मों से आत्मा को पृथक करने के लिए शरीर का तपना भी आवश्यक है।अतत:(व्रत) उपवास तप मोक्ष मार्ग में सहयोगी है। उन्होंने गुवाहाटी समाज के सभी सदस्यों महिलाओं एवं बच्चों को शुभकामनाएं दी। अपने शुभकामना संदेश में आचार्य श्री ने दस लक्षण पर्व की महत्ता का जिक्र करते हुए इस बात पर प्रसन्नता जताई है कि गुवाहाटी में रह रहे समाज के सभी सदस्य धार्मिक भावना से ओत- प्रोत है। मालूम हो कि इस बार सोलहकारण के 32 उपवास विजय कुमार सबलावत , नेमीचंद अजमेरा ,संगीता काला,अनिता पहडिया,कपिल बाकलीवाल,
ने किया है। दस लक्षण व्रत का पालन करने वाले सभी व्रति जनों का पारणा आज शुक्रवार को एटी रोड स्थित महावीर भवन धर्म स्थल में किया जाएगा। इस अवसर पर समाज द्वारा सामूहिक गोठ का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजन करने में भोजन व्यवस्था के संयोजक सुरेश कुमार बाकलीबाल,राज कुमार पाटनी, संजय जैन, आदि लोगों का सहयोग रहा। यह जानकारी समाज के प्रचार-प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सहसंयोजक सुनील कुमार सेठी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा दी गई।।

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