श्रुतसंवेगी श्रमणरत्न श्री 108 आदित्यसागर जी महाराज ससंघ ने विमल चंद जैन को दिया मंगल आशीर्वाद

0
20

आर के पुरम स्थित त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर में विराजमान अध्यात्मयोगी आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर की यतिराज के प्रज्ञावंत शिष्य श्रुतसंवेगी श्रमणरत्न श्री 108 आदित्यसागर जी,श्रुतप्रिय श्रमणरत्न श्री 108 अप्रमितसागर जी एवं सहजानंदी श्रमणरत्न श्री 108 सहजसागर जी मुनिराज ने घर आकर देव शास्त्र गुरु के परम भक्त व्यवहार कुशल प्रभाव शाली व्यक्तित्व के धनी श्री विमल चंद जैन को अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। विदित हो कि विमल चंद जैन एक साल दस महीने से ब्रेन पेरेलैसिस के शिकार है दिनांक 16 अगस्त 2023 को इस बीमारी के शिकार हुवे थे वे उठ भी नहीं सकते न करवट ले सकते है न बैठ सकते है। जैसे ही मुनि श्री सामने आए विमल चंद जी आंखे भर आई उन्होंने नमोस्तु बोलते हुवे मुनि श्री का हाथ पकड़ लिया। पूरे संघ ने खूब खूब मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। विमल चंद जी जैन ने आर के पुरम जैन मंदिर में अपनी खूब सेवाएं प्रदान की थी। आपके सुयोग्य अदभुत प्रतिभा वान सुपुत्र जैन समाज के अनमोल मणि पत्रकार भजन गायकार जैन युवा पत्रकार गौरव सर्व श्रेष्ठ संवाद दाता अवार्ड विजेता त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर के प्रसार प्रचार मंत्री विगत 35 वर्षो से जैन पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री पारस जैन पार्श्वमणि है आप और आपकी धर्मपत्नी श्रीमती सारिका जैन (सुपुत्री श्री कैलाश चंद जैन श्रीमति कौशल्या जैन बारां) दिन रात उनकी सेवा में लगे हुवे है।विमल चंद जैन को रोज उनको उठा कर डायपर बदलना नहलाना इसके बाद मेरी भावना, भक्तामर स्तोत्र, चालीसा, वैराग्य भावना, आदि के पाठ सुनाए जाते है। आपकी बहिन श्रीमति ममता जैन और दामाद श्री राजेंद्र जैन अजमेरा है। पारस जैन पार्श्वमणि को समस्त भारत वर्ष के जैन संतो का मंगल आशीर्वाद प्राप्त है। आपने विद्या सागर महाराज को प्रथम बार में ही आहार दिया था। 10 दिन तक उनकी खूब वेयाव्रर्ती की।पूरे संघ को रोज सुबह स्वरचित भजन सुनाए थे। श्री सिद्ध चक्र महा मंडल विधान में सह प्रतिष्ठाचार्य के रूप में आपने विधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आपने मंध्यप्रदेश के कमल नाथ सरकार की कुपोषण के शिकार बच्चो को अंडा देने का भी जोरदार विरोध अपनी लेखनी से किया था । श्री पारस जैन पार्श्वमणि कहते है कि जिंदगी क्या भरोसा कुछ नहीं कह सकते है प्यार और ममता के सिवा कुछ नहीं लूटा सकते है हम।हम न सोचे हमे क्या मिला है हम ये सोचे क्या क्या है अर्पण फूल समता के बाटे सभी को सबका जीवन हो बन जाए मधुबन। इस अवसर पर आर के पुरम त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन महामंत्री अनुज जैन कार्याध्यक्ष प्रकाश जैन राजकुमार वेद श्रीमती सुनीता वेद विमल चंद जैन दरा वाले अभिषेक जैन श्रीमति बबली जैन दिलीप जैन इत्यादि लोग उपस्थित थे।
प्रस्तुति
रविद्र जैन काला बून्दी राजस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here