नाश्ते में करो सावधानी – विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल

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सुबह का नाश्ता राजा जैसा ,दोपहर का खाना राजकुमार जैसा और सांयकालीन भोजन भिखारी जैसा ,यानी सुबह के नाश्ते से आपके शरीर को पूरे दिन के कामकाज के लिए ऊर्जा मिलती है। नाश्ते का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं है बल्कि आप जो भी कुछ खाते हैं, उससे आपको पूरे पोषक तत्व मिलने चाहिए। नाश्ते में उल्टी-सीधी चीजें खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। यह बात बिल्कुल सच है क्योंकि आप सुबह क्या खाते हैं, इससे आपके शरीर को पूरे दिन के कामकाज के लिए ऊर्जा मिलती है। यही वजह  हैं कि कभी नाश्ता नहीं छोड़ना चाहिए। नाश्ते का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं है बल्कि आप जो भी कुछ खाते हैं, उससे आपको पूरे पोषक तत्व मिलने चाहिए।
आजकल रेडी टु ईट यानी जल्दी बनने और खाने वाला भोज्य सामग्री चाहिए ,चाहे वे स्वास्थ्यप्रद हों या न हों .नाश्ते में क्या नहीं खाना चाहिए? बहुत से लोग नाश्ता करते हैं लेकिन उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, यही वजह है कि वो पूरे दिन सुस्त और कमजोरी महसूस करते हैं या उन्हें बार-बार भूख लगती है। नाश्ते में उल्टी-सीधी चीजें खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
नाश्ते में क्या खाना चाहिए?
नाश्ते में ऐसी चीजें शामिल होनी चाहिए जिससे आपको ऊर्जा मिले और उन चीजों में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट जैसे तत्व हों। सबसे बड़ी बात जब तक आप अपना दोपहर का भोजन नहीं कर लेते, तब तक आपका पेट भरा हुआ महसूस होना चाहिए है।
सीरियल्स या धान्य
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि नाश्ते के लिए सीरियल्स या धान्य  एक बढ़िया विकल्प है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं है। यह अत्यधिक संसाधित प्रोक्सेस्सेड होते हैं और उनमें केवल थोड़ी मात्रा में साबुत अनाज होते हैं। इसमें शुगर की मात्रा अधिक होती है जिससे मोटापे, हृदय रोगों के साथ-साथ डायबिटीज के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।
दही
जो नाश्ते में दही खाते हैं? फ्लेवर्ड योगहर्ट्स में चीनी और मिठास भरी होती है, जो कभी-कभी एक नियमित शीतल पेय की बोतल में मिलने वाली मात्रा से अधिक हो सकती है। इसलिए सुबह के समय इनका सेवन करने से बचें।
सफेद ब्रेड
चाय या कॉफी के साथ टोस्ट नाश्ते के लिए सभी का पसंदीदा है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए एक आदर्श विकल्प नहीं है। सफेद ब्रेड में बहुत कम या बिल्कुल भी पोषक तत्व नहीं होते हैं और जब हम उन पर जैम या चॉकलेट सॉस फैलाते हैं, तो वे पाचन तंत्र के लिए और भी खराब हो जाते हैं। इसलिए सफेद ब्रेड की जगह लो फैट बटर या चीज वाली मल्टीग्रेन ब्रेड लें।
पैकेज्ड फ्रूट जूस
कुछ पैकेज्ड जूस में बहुत कम मात्रा में रस होता है और चीनी के साथ मीठा होता है, जो मोटापा, डायबिटीज और साथ ही कई अन्य प्रकार की पुरानी बीमारियों का कारण बन सकता है।
कॉफी
कॉफी बहुत अच्छी है, यह सच है लेकिन, खाली पेट सिर्फ एक कप कॉफी आपकी सेहत के लिए खराब हो सकती है। बेशक कॉफी के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन खाली पेट इससे बचना चाहिए। बेशक नाश्ते के बाद पी सकते हैं।कारण अम्लीय होने से खाली पेट मर अम्ल  होने से अम्लता  बढ़ा देती हैं
स्मूदीज या फलों
स्मूदी  आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी हैं, लेकिन जब नाश्ते की बात आती है तो वे सबसे अच्छा विकल्प नहीं हैं। अधिकांश स्मूदी में फलों से भरा हुआ होता है, जो इन पेय में शुगर की मात्रा बढ़ा देता है। इससे आपका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसके बजाय आप इसे शाम को पी सकते हैं।  (स्मूदी ताजे फलों और सब्जयों ,नट्स और डेयरी उत्पादों को मिक्सर या ब्लेंडर में डाल कर बनायीं जाती हैं )
इन चीजों से भी बना लें दूरी
अपने नाश्ते में डोनट्स, ग्रेनोला बार, मफिन्स और पेनकेक्स जैसे मीठे खाद्य पदार्थों को शामिल नहीं करना चाहिए। यह चीजें आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकती हैं।
सबसे अच्छा सुबह का नाश्ता में दलिया ,रोटी ,उपमा , इडली पोहा मधुमेह के रोगियों को अपनी मात्रानुसार ,लेना चाहिए .वैसे सबसे अच्छा रात में चना ,चना की दाल  को पानी में डालकर सुबह हल्का उबालकर लेना लाभकारी होता हैं .
विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन   संरक्षक शाकाहार परिषद् A2 /104  पेसिफिक ब्लू ,नियर डी मार्ट, होशंगाबाद रोड, भोपाल 462026  मोबाइल  ०९४२५००६७५३

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