अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दिक्षा भुमी परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान की और चल रही है उसी श्रुंखला में आज उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा
हमारे बोलने का लहजा, बोलने की टोन, और..
बात कहने का अन्दाज दायरे में होना चाहिए..! आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
औरंगाबाद/निमच मध्य प्रदेश धरती पर आप अमीर हो सकते हैं, लेकिन अमर नहीं। अच्छी वाणी, व्यवहार से आप अमर हो सकते हैं। यदि वाणी, व्यवहार और बोलने का लहजा ठीक है तो, अन्यथः……
बोलकर सोचना और सोचकर बोलना, इन दोनों को बोलने में व्यक्ति का व्यक्तित्व बदल सकता है।
अच्छी वाणी और बोलने के अन्दाज से आप किसी के दिल में उतर सकते हैं, और कर्कश वाणी, व्यवहार से आप दिल से उतर सकते हैं।
मतलब की बात सब समझ लेते हैं, लेकिन बात का मतलब बहुत कम लोग समझ पाते हैं।
इन्सान जब करवट लेता है तो दिशा बदल जाती है, और जब वक्त बदलता है तो दशा सुधर जाती है।
सही वक्त ही बुरे वक्त का इलाज कर सकता है…!!! आज अहिंसा संस्कार पदयात्रा दिशा:नीमच, अंदेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र, एवम् परतापुर, बांसवाडा राजस्थान की ओर बढते गुरुचरण परम पूज्य गुरुदेव भारत गोरव विश्व के सर्वश्रेष्ठ तपस्वी उत्तम सिंह निष्क्रिडित व्रत्तकर्ता अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज जी चतुर्विघ संघ का भव्य मंगल पद विहार दिनाँक 1 मार्च 2026, रविवार, सुबह 6.30 बजे
शासकीय हाई स्कूल डोराई , जिला नीमच, मध्यप्रदेश
से राजकीय उच्च प्राथमिक विघालय स्कूल, श्री नगर, तहसील निम्बाहेडा, जिला चितोडगढ राजस्थान 17.5 किलोमीटर के लिए होगा नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद












