गणाचार्य पुष्पदन्त सागर आचार्य विनिश्चय सागर एवं उपाध्याय बिहसत सागर जी महाराज के सानिध्य में भिण्ड व बरासों में भगवान के महामष्तिकाभिषेक व शांतिधारा के साथ मनाया गया नववर्ष

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दिनांक 01 जनवरी 2024 (सोमवार) –
आज भिण्ड में चारों ओर हर्ष और उत्साह का माहौल रहा। उगर में पूर्व से विराजित जैन संत आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी महाराज से तथा कल दिनांक 31 दिसम्बर को नगर में पधारे जैनसत आचार्य श्री पुष्पदन्त सागर जी महाराज का भावभनीता मंगल मिलन ठूला। बुदा ही प्रायन दृश्य था यह जब निषद्ध की धरती पर धरती के दो देवता आचार्य श्री पुष्पदन्तु सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी महाराज का महामिलन हुआ। नगर में विराजित आचार्य पिनिश्चय सागर जी महाराज एवं संघुसा साधुओं ने कुछ आगे जाकर आचार्यश्री की आगवानी की। दोनों संघ हर्षेल्लास पूर्वक चैत्यालय मंदिर अऋषभ भवन में विराजमान हुए। आज नये वर्ष की बेला के साथ ही आचार्य पुष्पदन्त सागर जी महाराज का 71 वी अवतरण विषस ऋषभ भवन में द्वयआचायाँ के मंगल सानिध्य में मनाया गया। बाहर से पधारे भक्तगणों के साथ श्री मिषद्ध नगर पासियों ने द्वयाचायाँ का पाढ़ प्राच्छालन कर संगीत के साथ द्वयजाचार्यों की पूजा की। इस अवसर पर आचार्यश्री विनिश्चयसागर जी महाराज ने ससंघ के सार आचार्य पुष्पदन्तसागर जी महाराज को नवीन पिच्छी जमवल शाक्य उपकार नंद किये। आचार्य पुष्पदन्त सागर जी महाराज ने भी आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी महाराज को शास्त्र भेद किया। परचात् इयभामायाँ ने अपनी मंगल देशना से कल्याणकारी पचन धर्मसभा को प्रतान किये।
आचार्यश्री विनिश्चयसागर जी महाराज वृद्ध साधुओ से मिलने पर बहुत लाभ होते है उनसे मिलने पर यो अनुभा होते है जो स्त्री से नही जीवन की घटना साधना तपस्या से प्राप्त होते सिद्ध अवस्था को प्राप्त हो।

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