देश भर में मना जैन धरोहर दिवस

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महासभाध्यक्ष निर्मल कुमारजी सेठी की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धा निवेदन

कोलकाता। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा का अधिवेशन एवं महासभा के पूर्व अध्यक्ष निर्मल कुमार जैन सेठी का द्वितीय स्मृति दिवस गुवाहाटी में 27-28 अप्रैल 2023 को 2 दिवसीय कार्यक्रमों के साथ बहुत ही भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। श्री निर्मल कुमार जी सेठी का समाधिमरण 27 अप्रैल 2021 को हुआ था। उनकी प्रथम पुण्य तिथि 27 अप्रैल 2022 को दिल्ली के अम्बेडकर भवन में तथा 28 अप्रैल 2022 को मथुरा चौरासी में महासभा के गौरव स्तम्भ का लोकार्पण कर मनायी गयी थी। उसी समय अम्बेडकर भवन में सुप्रिंटेंडेंट आर्कियोलोजिस्ट कोलकाता डॉ. शुभ मजुमदार द्वारा प्रस्ताव रखा गया था कि श्रीमान निर्मल कुमार जी सेठी ने 40 वर्षों तक जैन पुरातत्व के संरक्षण व संवर्धन में अपना जीवन समर्पित किया था। ऐसे महामान्य की पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 27 अप्रैल को जैन धरोहर दिवस के रूप में देश भर में मनायी जायेगी, जिसकी अनुमोदना समस्त दिगम्बर, श्वेताम्बर एवं अन्य समाज की संस्थाओं के 1 हजार से अधिक की संख्या में उपस्थित महानुभावों ने की थी।
प्रथम जैन धरोहर दिवस प्राग्ज्योति आई टी. ए. सेन्टर फॉर परफोर्मिंग आर्ट्स, माछखोया, एम. जी. रोड, गुवाहाटी में मनाये जाने का निर्णय सेठी ट्रस्ट द्वारा लिया गया, जिसके आयोजक श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा एवं संयोजक श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी (असम) थे। यह कार्यक्रम 27 अप्रैल 2023 को खचाखच भरे हाल में प्रात: 10.30 बजे आरम्भ किया गया, जिसमें सर्वप्रथम सिल्चर के महावीर सेठी. डी. पूजन मुम्बई श्रीमती सुमनलता जैन नागपुर, महावीर प्रसाद छाबड़ा गुवाहाटी ने भगवान महावीर के चित्र का अनावरण किया एवं दिगंबर जैन पंचायत गुवाहाटी के अध्यक्ष महावीर जैन गंगवाल, भारतवर्षीय दिगम्बर जैन चेरिटेबुल ट्रस्ट के चेयरमैन हुलासचंद सेठी, महासभा के कार्याध्यक्ष रमेशचंद तिजारिया, तीर्थ संरक्षिणी महासभा के कार्याध्यक्ष संजय दीवान (सूरत) ने भगवान महावीर के चित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर चेन्नई के श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाशचंद बडज़ात्या श्रुत संवर्धिनी महासभा के महामंत्री डॉ. निर्मल जैन (दिल्ली/गुवाहाटी) के विजय कुमार गंगवाल, दिगम्बर जैन पंचायत गुवाहाटी के मंत्री वीरेन्द्र सरावगी के साथ सेठी परिवार ने निर्मल कुमार जी सेठी के चित्र का अनावरण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में असम, नागपुर, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कोलकाता, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र के साथ समस्त भारतवर्ष से सेठी जी के प्रशंसकों और पुरातत्व में रुचि रखने वाले काफी विद्वानों का आगमन हुआ था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने एवं अध्यक्षता महावीर प्रसाद छाबड़ा व महावीर प्रसाद गंगवाल हाथीगोला ने की। आयोजन में प्रो प्रोजीत कुमार पालित प्रोफेसर एण्ड डायरेक्टर सेन्टर फॉर इण्डोलॉजिकल स्टडीज इतिहास विभाग, सिल्चर, डॉ आशीष रंजन साहू असिस्टेंट आर्कियोल आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इण्डिया, भुवनेश्वर (उड़ीसा), प्रो. डॉ जय कुमार जी निदेशक बाहुबली प्राकृत विद्यापीठ राष्ट्रीय प्राकृत अध्ययन और अनुसंधान संस्थान, श्रवणबेल प्रो. डॉ. भागचंद जैन भास्कर, नागपुर, डॉ यतीश जैन, उपाध्यक्ष, निर्ग्रथ सेंटर ऑफ आर्कियो जबलपुर, डॉ मालिनी गोस्वामी, भूतपूर्व उपकुलपति असम महिला विश्वविद्यालय, जोरहाट (असम), डॉ. नरेन्द्र कुमार जैन, टीकमगढ़ ने भाग लिया। इस अवसर पर सेठी ट्रस्ट निर्मल कुमार जी सेठी मेमोरियल पुरस्कार कला एवं पुरातत्व के क्षेत्रों में विशिष्ट योग देने वाले डॉ शुभ मजूमदार, कोलकाता को दिया गया एवं दर्शन एवं साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले जैन गजट के पूर्व सम्पादक दिवंगत श्री भरत कुमार जैन (मुम्बई) का पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शैलबाला काला को दिया गया। इस कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजराज गंगवाल की ओर से कार्याध्यक्ष रमेश तिजारिया (जयपुर), धर्म संरक्षिणी महासभा के महामंत्री प्रकाशचंद बडज़ात्या (चेन्नई), तीर्थ संरक्षिणी महासभा के महामंत्री राजकुमार जैन सेठी (कोलकाता) एवं श्रुत संवर्धिनी महासभा के महामंत्री डॉ. निर्मल कुमार जैन (दिल्ली) ने सेठी जी के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महामहिम राज्यपाल गुलाबचंद जी कटारिया का संक्षिप्त परिचय ललित जैन (झांसी) ने दिया। महामहिम राज्यपाल श्री गुलाबचंद जी कटारिया ने श्री सेठी जी को याद करते हुए विभिन्न समारोहों में उनके साथ बिताए क्षणों की जानकारी दी व कहा कि 40 साल तक लगातार अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने जैन समाज को एक सूत्र में पिरोने का जो महान काम किया, ऐसे महामानव बिरले ही पैदा होते हैं।
इस अवसर पर डॉ. प्रोजित कुमार पालीत द्वारा स्वर्गीय निर्मल कुमार जी सेठी पर लिखी पुस्तक एवं प्राचीन तीर्थ जीर्णोद्धार पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में प्रीति सेठी के संयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। श्री धर्मेन्द्र सेठी ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन दिया।
गुवाहाटी में केंद्रीय कार्यक्रम के अलावा भी गुरुवार 27 अप्रैल को समूचे भारतवर्ष की जैन समाज ने ‘जैन धरोहर दिवसÓ के रूप में मनाया। समाज श्रेष्ठी निर्मल कुमारजी सेठी की पुण्य तिथि को समाज द्वारा जैन धरोहर दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया गया था। इस हेतु देश के विभिन्न स्थानों पर स्व. सेठी की स्मृति में सभाओं का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अॢपत की गयी। जैन धरोहर दिवस का केंद्रीय कार्यक्रम गुवाहाटी में श्री दिगंबर जैन पंचायत, गुवाहाटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
जनकपुरी जैन मंदिर में शाम को जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा भक्ति की गई तथा निर्मल कुमार जी सेठी की याद दिलाते हुए जैन धरोहर दिवस के लोगो सहित बैनर आदि लगाये गये। जयपुर के अन्य कई मंदिरों में भी कार्यक्रम आयोजित किये गये।
श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर हरी मार्ग सिविल लाइन के प्रांगण में स्वर्गीय श्री निर्मल जी सेठी की पुण्य स्मृति में दीप प्रज्वलित कर वर्धमान स्तोत्र का पाठ किया गया, जिसमें समाज के सभी सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर उनकी फोटो पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया गया।
महावीर दिगंबर जैन मंदिर हरी मार्ग सिविल लाइन जयपुर के प्रांगण में स्वर्गीय श्री निर्मल जी सेठी की पुण्य स्मृति में दीप प्रज्वलित कर वर्धमान स्तोत्र किया, जिसमें तीर्थ सरंक्षणी महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष धर्म चंद पहाडिय़ा एवं समाज के सभी सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर उनकी फोटो पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया गया।
स्व. निर्मल कुमार जी सेठी की द्वितीय पुण्य तिथि पर आचार्य 108 श्री विशुध्द सागर जी के शिष्य 108 श्री शुद्ध सागर जी महाराज ने जिन शासन मंदिर में प्रवचन के समय श्री निर्मल कुमार जी सेठी द्वारा जैन धरोहर की रक्षा पूरे भारत में जो अभियान चलाया, उसकी विस्तृत जानकारी दी। जैन धरोहर को बचाने के लिये कई जगह पुरातात्विक केंद्र बनाये, जहां पर प्राचीन प्रतिमाओं व उनके अवशेषों को संभाल कर रखा गया। पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।
सभा के अन्त में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुशील बाकलीवाल ने भी निर्मल कुमार जी सेठी को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर श्रेयांश जैन, अशोक गोधा, मुकेश जैन (एडवोकेट), प्रकाश चंद पाटनी, नागेंद्र धनगशियाँ, विनय पाटनी आदि उपस्थित थे।
सुजानगढ़ दिगंबर जैन समाज द्वारा बाहुबली मंदिर में स्व. निर्मल कुमार सेठी की पुण्यतिथि ‘जैन धरोहर दिवसÓ के रूप में मनायी। डॉ. एस. के. छाबड़ा से प्राप्त सूचना के अनुसार इस कार्यक्रम में समाज द्वारा स्व. सेठी को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कार्यों का स्मरण किया गया। सभा में समाज के अध्यक्ष सुनीलकुमार सडूवाला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। तीर्थ संरक्षिणी महासभा राजस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. एस. के. छाबड़ा के साथ नवरतनमल छाबड़ा, विजय कुमार बगड़ा, संतोष बगड़ा, मुकेश बगड़ा आदि ने भाग लिया ।
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तीर्थ संरक्षिणी महासभा के महामंत्री महावीर ठोले (औरंगाबाद) ने सूचित किया है कि श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा महाराष्ट्र प्रांत ने भी द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर औरंगाबाद स्थित श्री उत्तम चंद ठोले दिगंबर जैन छात्रालय में जैन धरोहर दिवस का आयोजन कर दिवंगत निर्मल कुमार सेठी को भावभीनी श्रद्धांजलि अॢपत की। समारोह के प्रमुख अतिथि सकल जैन समाज औरंगाबाद के उपाध्यक्ष एडवोकेट डी. बी. कासलीवाल थे। इस अवसर पर छात्रों ने छात्रालय के प्रांगण में स्थित चैत्यालय में श्री पाश्र्वनाथ भगवान की सायंकालीन आरती एवं प्रार्थना प्रस्तुत की। तत्पश्चात छात्र राहुल काले ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। अतिथियों के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के पश्चात स्वर्गीय निर्मल कुमार जी सेठी की फोटो एवं स्वर्गीय पी. यू. जैन की अर्धाकृति प्रतिमा को माल्यार्पण किया गया। तीर्थ संरक्षिणी महासभा के महामंत्री महावीर ठोले ने जैन धरोहर दिवस के विषय में विस्तृत जानकारी दी एवं निर्मल कुमार सेठी के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। श्री पी. यु. जैन स्कूल के नवनिर्वाचित अध्यक्ष महावीर सेठी, धर्म संरक्षिणी महासभा के महामंत्री अनुप पाटनी, मदनलाल कासलीवाल, महासभा के कार्याध्यक्ष देवेंद्र काला, तीर्थ संरक्षिणी महासभा के अध्यक्ष वर्धमान पांडे ने बाबूजी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रमुख अतिथि डी. बी. कासलीवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि बाबूजी का कार्य हम सभी कार्यकर्ताओं को, छात्रों को प्रेरणा देता है। उनकी विलक्षण प्रतिभा से जैन संस्कृति की, जैन समाज की एवं पुरातत्व की कीर्ति संपूर्ण भारत में ही नहीं विश्व में भी फैली है। वे जैन समाज के सशक्त आधार स्तंभ एवं महानायक थे। उनके कार्यों को समाज सदा-सर्वदा याद करता रहेगा।
इस अवसर पर श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा महाराष्ट्र प्रांत के अध्यक्ष तथा उत्तमचंद ठोले छात्रालय के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय पु. यु. जैन की तीसवीं पुण्यतिथि भी संपन्न की गई। छात्रालय के प्रांगण में उनकी अर्धाकृति प्रतिमा का अनावरण स्वर्गीय निर्मल कुमार जी सेठी के कर-कमलों द्वारा ही किया गया था। समारोह में छात्रालय के 55 छात्रों के अलावा अरुण पाटनी, संजय पापड़ीवाल, अजित लोहड़े, राजकुमार कासलीवाल, श्रुत संवर्धनी के कार्याध्यक्ष प्रकाश कासलीवाल, चंदा कासलीवाल, एडवोकेट प्रमोद पाटनी, डॉक्टर जय कुमार पाटनी, जयचंद ठोले, मनोज सोनी, दिलीप काला आदि अनेक मान्यवर विशेष रुप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महावीर ठोले ने किया तथा अनुप पाटनी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्रालय के रेक्टर काले कार्य एवं कर्मचारी देशमाने ने विशेष सहयोग दिया।
महासभा के कर्नाटक प्रांत के महामंत्री प्रकाश चंद जैन (पाटोदी) ने सूचित किया है कि स्व. निर्मल कुमार सेठी की दूसरी पुण्य तिथि को ‘जैन धरोहर दिवसÓ के रूप में बंगलौर में बड़ी संख्या में पधारे मेहमानों की उपस्थिति में मनाया गया।
उन्होंने 40 वर्षों तक विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर जैन समुदाय/समाज की जो सेवा की उसे कौन भूल सकता है? सभा में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त व्यक्त करते हुए कहा कि उनका योगदान, मार्ग दर्शन हम सभी के लिए हमेशा ही प्रेरणा दायक रहेगा।
महासभा को बच्चे-बच्चे की जुबान पर लाने का श्रेय श्री सेठी जी तथा उनके कार्यों को ही जाता है। शायद ही इतनी पब्लिसिटी महासभा को पहले कभी मिली हो। ऐसे विचार विभिन्न वक्ताओं ने रखे। महासभा यानी श्री निर्मलजी सेठी वाली महासभा के रूप में लोग जानने लगे। उनके बताए मार्ग पर चलना हम सभी का कर्तव्य है। उपस्थित वक्ताओं ने सेठी जी के बारे में अपने-अपने अनुभव, विचार एवं भावनाएं खुले दिल से व्यक्त की।
श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महा सभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अशोक कुमार सेठी की अध्यक्षता में आयोजित सभा में बाबूलाल बगड़ा, प्रकाशजी, राकेशजी, योगेशजी, बी. सी. जैन, श्रीमती इन्दिरा बगड़ा, वीणा सेठी, तेजी, सुनीता जैन एवं अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कर्नाटक में हो रहे तीर्थ जीर्णोद्धार के बारे में तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार सेठी ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। तीर्थ जीर्णोद्धार/संरक्षण के मामले में कर्नाटक सबसे अग्रणी राज्य है। करीब 143 मंदिरों का कार्य सम्पूर्ण हो गया है एवं 7/8 स्थानों पर शीघ्र पूरा होने की संभावना है।
श्रीमती वीणा जी सेठी ने नमोकर मंत्र से सभा को गति दी एवं अशोक जी सेठी ने सभी का बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने कर्नाटक में चल रहे तीर्थ जीर्णोद्धार की प्रगति पर सन्तोष जताया। महासभा अमर रहे के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, कर्नाटक प्रान्त के महामंत्री प्रकाश चंद जैन पाटोदी ने सूचित किया है कि भद्रावती में भी स्व. निर्मल कुमार सेठी की द्वितीय पुण्यतिथि जैन धरोहर दिवस के रूप में मनाई गयी।
श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा कर्नाटक-प्रान्त की ओर से कर्नाटक के भद्रावती में बड़े उल्लास से ‘जैन धरोहर दिवसÓ मनाया गया, जिसमें भद्रावती, शिमोगा एवं आस पास के श्रावकों ने भाग लिया। स्व. निर्मल कुमार जी सेठी बहुत दूरदर्शी थे, जिन्होंने इस आवश्कता को समझा एवं महासभा के द्वारा प्राचीन धरोहर की रक्षा करने के लिए जैन समाज का आह्वान किया। श्री सेठी की पुण्य तिथि 27 अप्रैल को प्रति वर्ष ‘जैन धरोहर दिवसÓ के रूप में मनाते रहना चाहिए, ऐसे विचार सभी ने व्यक्त किए।
देश के अन्य भागों की तरह मकराना दिगंबर जैन समाज द्वारा भी चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में स्व. निर्मल कुमार सेठी की पुण्यतिथि ‘जैन धरोहर दिवसÓ के रूप में मनायी गई। इस कार्यक्रम में समाज द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करके उनके व्यक्तित्व और कार्यों का स्मरण किया गया। पुण्यतिथि के अवसर पर गायों को चारा भी डाला गया। सभा में समाज के अध्यक्ष सुनील कुमार ढिलवारी, वसुन्धरा नगर विकास समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार जैन, नितेश कुमार जैन, संदीप गोधा, प्रकाश जैन, गिरीश कुमार जैन, नवीन पांड्या, मनीष जैन, नवीन साह बजाज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
दूसरे दिन 28 अप्रैल 2023 को सेठी परिवार के साथ गुवाहाटी, नलबाड़ी, विजयनगर की समाज के तकरीबन 200 लोगों ने सूर्यपहाड़ पहुंचकर जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा की तथा गुफा एवं मंदिर के दर्शन किये। उसके पश्चात एवं धरोहर दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। धर्म संरक्षिणी महासभा जयपुर के कार्याध्यक्ष रमेशचंद तिजारिया की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा एवं असम महिला विश्वविद्यालय जोरहाट, असम की भूतपूर्व उप-कुलपति डॉ. मालिनी गोस्वामी ने धरोहर दिवस की अध्यक्षता की। सेठी परिवार की महिलाओं द्वारा मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सेठी जी के चित्र का अनावरण सेठी परिवार द्वारा किया गया। सर्वप्रथम सूर्यपहाड़ विकास समिति द्वारा बाहर से पधारे विद्वानों को मोमेण्टो, प्रशस्ति पत्र, गमछा प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सूर्यपहाड़ के विकास में योगदान देने वाले पदमचंद रारा (नलबाड़ी), स्व. घेवरचंद रारा (विजयनगर), स्व. महावीर प्रसाद पांड्या, गुवाहाटी का स्वागत किया गया। तत्पश्चात डॉ. मालिनी गोस्वामी की अध्यक्षता में विद्वत संगोष्ठी शुरू की गयी। सर्वप्रथम डॉ. आशीष रंजन साहू ने उड़ीसा में जैन धर्म एवं खारवेल के बारे में जानकारी दी। डॉ. भागचंद जैन भास्कर (नागपुर) ने महाराष्ट्र में जैन धर्म के बारे में बताया तथा अन्य विद्वानों ने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये। सभी विद्वानों का प्रशस्ति पत्र एवं मानदेय के साथ स्वागत किया गया। बाहर से पधारे लोगों ने भगवान आदिनाथ की प्रतिमा एवं सूर्य पहाड़ पर 52 बीघा जमीन जो सेठी जी द्वारा असम सरकार से प्राप्त की गयी थी का मुआयना कर प्रसन्न हुये। सेठी परिवार के हुलासचंद सेठी 30 साल तक सूर्यपहाड़ समिति के अध्यक्ष रहे तथा इस क्षेत्र के विकास में आपका बहुत योगदान रहा है। महावीर गंगवाल के नेतृत्व में सूर्य पहाड़ पर चौबीस वेदियों की स्थापना होने जा रही है, जिनकी शीघ्र ही वेदी प्रतिष्ठा होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम का संचालन श्री राजकुमार जैन सेठी, महामंत्री तीर्थ संरक्षिणी महासमा कोलकाता द्वारा किया गया। सेठी परिवार की ओर से श्री धर्मेन्द्र जैन सेठी तथा श्री सूर्यपहाड़ समिति की ओर से ओमप्रकाश सेठी ने सभी अतिथियों व विद्वानों का आभार प्रकट किया। दोनों दिनों के वात्सल्य भोजन की व्यवस्था सेठी ट्रस्ट द्वारा की गई थी। यह कार्यक्रम काफी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
– राजकुमार सेठी
महामंत्री, श्री दिगंबर जैन तीर्थसंरक्षिणी महासभा
कोलकाता।

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