दसलक्षण धर्म – आज उत्तम मार्दव धर्म

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अजमेर 20 सितम्बर 2023 श्री अदिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर सोनीनगर मन्दिर समिति, अजमेर में आज दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म पर डॉ. राजकुमार गोधा ने कहा कि उत्तम मार्दव धर्म का अर्थ – मैं किसी कार्य का कर्ता नहीं मैं सिर्फ घटक हूं । मैं नहीं होता तो ये काम कैेसे होता, मेरी ही वजह से तो ये काम बन सका है ऐसी परिणिति ही अहंकार है मान है और इसी मान का मर्दन करने के लिए उत्तम मार्दव धर्म है। मार्दव धर्म आत्मा अर्थात निजात्मा स्वस्वरूप् का धर्म है ।जहां मृदु भाव या नम्रता नहीं है। वहां धर्म भी नहीं है । और वहां नियम, व्रत, तप, दान, पूजा इत्यादि जो मानव करता है विनय भाव के बिना सभी व्यर्थ गिनाया जाता है और कहता है कि मैने ऐसा किया जो भी किया मैने किया अन्य कोई भी मेरे समान किया नहीं इस तरह कह कर जो मान कषाय करता है वह अपनी आत्मा को ठगता है और दुनियां को भी ठगाया समझना चाहिये ।
प्रवक्ता संजय कुमार जैन ने जानकारी दी कि आज प्रातः 5.20 बजे प्रतिदिन श्री जिन सहस्त्रनाम का जाप प्रारंभ हुआ उसके पष्चात मूलनायक श्री आदिनाथ भगवान के प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य महावीर सुनील जैन परिवार द्वारा किये गये तत्पष्चात सभी भक्तजनों द्वारा किये गये आज 10 परिवारों द्वारा वृहदषान्तिधारा हुई  जिसका सौभाग्य महावीर सुनील जैन, अजीत जैन, सुरेन्द्र मित्तल, प्रदीप बडजात्या, रमेष जैन, कमल बाकलीवाल, मोन्टू कासलीवाल, अविनाष सेठी, विमल जैन, शान्तिलाल पाटनी परिवार द्वारा की गई ।  उसके पष्चात दसलक्षण धर्म महामंडल विधान पूजन प्रारंभ हुआ जिसमें नित्य नियम पूजन दसलक्षण धर्म पर, सोलहकारण पूजन, श्री आदिनाथ भगवान की पूजन, नवदेवताओं की पूजा, उत्तम मार्दव धर्म पर पूजन की गई ।
रात्रि में 7.00 बजे 108 दीपको से सामूहिक आरती, उसके पष्चात प्रतिदिन भक्तामर पाठ, णमोकार पाठ व स्वाध्याय डॉ. गोधा द्वारा किया गया ।

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