चरमोत्कृष्ठ आस्था है मोक्ष : आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज

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  • आदिनाथ भगवान को हुआ निर्वाण
  • मोक्ष कल्याणक व विश्व शांति महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ पंचकल्याणक महोत्सव
  • रथोत्सव में उमड़े श्रद्धालु
  • आचार्य श्री विशुद्ध सागर ससंघ का नवागढ़ महोत्सव के लिए हुआ पद विहार

ललितपुर। श्री दिगम्बर जैन आदिनाथ अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी विकासखंड मड़ावरा में चर्या शिरोमणि , आध्यात्मिक संत आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज  के 27 पिच्छि धारी साधुओं के विशाल संघ  सान्निध्य में ब्र. जय कुमार जी निशांत, पंडित सनत कुमार विनोद कुमार जैन के प्रतिष्ठाचार्यत्व में  आयोजित श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक मानस्तम्भ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा, विश्वशान्ति महायज्ञ एवं रथोत्सव महोत्सव  में बुधवार को पंचकल्याणक महोत्सव में  आखरी दिन तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मोक्षकल्याणक भारी आस्था श्रद्धा  के साथ मनाया गया। साथ ही जिन बिम्ब स्थापना की गई। इस अवसर   रथयात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु उमड़ पड़े।

प्रचारमंत्री-मीडिया प्रभारी डॉ सुनील संचय ने बताया कि बुधवार को मोक्षकल्याणक की क्रियाएं की गईं जिसमें प्रातः पात्र शुद्धि ,अभिषेक,शन्तिधारा,नित्य महापूजन के साथ आरंभ हुयीं।  तीर्थंकर भगवान   को प्रातः 7.24 बजे  मोक्ष की प्राप्ति हुई। जैसे ही तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान के मोक्ष जाने की घोषणा प्रतिष्ठाचार्य ने की उपस्थित सैकड़ों  भक्तों ने जयकारों से आकाश गुंजायमान कर दिया, लोग खुशी से नृत्य करने लगे। विविध प्रकार के वाद्ययंत्र बजाए गए।  मोक्ष कल्याणक की पूजन की गई। आयोजन के अंतिम दिन विश्व शांति की कामना के साथ विश्व शांति महायज्ञ पूर्णाहुति हवन किया गया। शांतिपाठ और विसर्जन भी किया गया।

आयोजन में बंडा विधायक तरवर सिंह लोधी, पूर्व विधायक सुनील जैन सागर आदि महोत्सव में शामिल हुए और आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव समिति ने स्मृति चिन्ह प्रदानकर सम्मानित किया। रथयात्रा फेरी हुई जिसे देखने जैन और जैनेतर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़े। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज 27 दिगम्बर पिच्छि धारी साधुओं के साथ फेरी में शामिल रहे।  फेरी देखने जहां अनेक ग्रामों से ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में मौजूद रहे वहीं  विभिन्न निकटतम व दूरवर्ती स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे हुए थे। रथ पर श्रीजी विराजमान थे।

रथों पर बैठे पंचकल्याणक के पात्र  भगवान के माता पिता  राजेश  जैन श्रीमती रचना जैन नवकार कंप्यूटर (खुटगुआ वाले ) मडावरा इंदौर, सौधर्मेन्द्र-सुनील कुमार जैन ( मोनू) श्रीमती नेहा जैन बाम एपी स्पेशल परिवार बरायठा, कुबेर सुनील कुमार जैन चंदेरिया परिवार बरायठा, विधि नायक डॉक्टर बालचंद कमल कुमार, महायज्ञ नायक विनोद कुमार जैन चंदेरिया, यज्ञ नायक सिंघई आशीष जैन इंदौर, ईशानइंद्र प्रकाश चंद सिंघई,  सनतकुमारइंद्र-राजेंद्र राजू, महेंद्रइंद्र- नीरज जैन शास्त्री, राजा श्रेयांस-आनंद जैन नागपुर,राजा सोम- दीपचंद व्या,भरत चक्रवर्ती-अभिषेक कुमार जैन (खुटगुआ वाले )दीपू चौधरी मडावरा, बाहुबली- प्रदीप जैन खुटगुवा, मड़ावरा, लांतव इंद्र- जिनेंद्र जैन गौना वाले मड़ावरा, कापिष्ठ-आशीष चौधरी मड़ावरा , महाशुक्र-कमल जैन मोनू खुटगुवा वाले मड़ावरा, शुक्रेन्द्र- अंकित कोठिया मड़ावरा, सतारेंद्र- इजी. विशेष जैन लुहारी सागर, आणतेन्द्र-कैलाशचंद्र विनेका, महामंडलेश्वर (8)-  सिंघई प्रकाशचंद्र साढूमल, राजेश जैन रज्जू मड़ावरा, सेठ कमलेश लुहर्रा मड़ावरा, सुरेशचंद्र बरायठा,  त्रिलोक जैन मड़ावरा, आशीष गौना मड़ावरा, विनोद जैन खुटगुवा वाले मड़ावरा , मुकेश सिलोनिया मड़ावरा आदि पंचकल्याणक महोत्सव के पात्र मंगलगान करते हुए चल रहे थे।

विभिन्न स्वयंसेवी संगठन वाद्य यंत्र बजाते हुए चल रहे थे। परिक्रमा के बाद श्रीजी का अभिषेक विधि- विधान के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीजी के अभिषेक का गंधोदक लेने भी श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस मौके पर आध्यात्मिक संत  आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी मुनिराज ने   अपने प्रवचन में कहा कि वास्तव में मोक्षगमन जैन दर्शन के चिंतन की चरमोत्कृष्ठ आस्था है जो प्रत्येक हृदय में फलित होना चाहिए।मोक्षगमन को देखना इस निश्चय को दोहराना है कि जीवन के सभी कार्य तब तक सफल नहीं कहे जा सकते जब तक उसका अंतिम लक्ष्य मोक्षगमन न हो। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर भगवान कषाय, काय से रहित हुए, अभी हम इन दोनों से युक्त हैं। मोक्ष के उपरांत आत्मा अपने शुद्ध स्वरूप अनन्त ज्ञान, अनन्त दर्शन, अनन्त सुख, और अनन्त शक्ति में आ जाती है। ऐसी आत्मा को सिद्ध कहते है।

आयोजन को  सफल बनाने में महोत्सव की  आयोजन समिति व  उप समिति तथा पुलिस प्रशासन का उल्लेखनीय योगदान रहा । इस मौके पर मड़ावरा, बरायठा, शाहगढ़, ललितपुर, टीकमगढ, महरौनी, साढूमल, बराज, जसौडा, किशनपुरा, रामटोरिया, सौरई, सोजना, कारीटोरन, रमगडा,  इंदौर , दिल्ली, बेंगलुरु, भोपाल, छतरपुर, घुवारा, बड़ागांव, बकस्वाहा, सतना, नरवा, लुहर्रा, नेकौरा,  सागर, बड़ागांव, घुवारा,  छिंदवाड़ा, मैनवार, ककरवाहा, समर्रा आदि  अनेक स्थानों से श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अतिथियों का स्वागत महामहोत्सव एवं ट्रस्ट कमेटी अध्यक्ष संतोष जी जैन घड़ी सागर, महा महोत्सव के महामंत्री अजित जैन स्टील मडावरा,आशीष चौधरी मड़ावरा, प्रकाश जैन मेडिकल मडावरा,  आलोक जैन बरायठा , प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष विनोद चंदेरिया, महामंत्री अभिषेक जैन दीपू मड़ावरा , कोषाध्यक्ष  मुकेश जैन,  महा महोत्सव कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश चंद्र बरायठा,चक्रेश जैन बरायठा, राजेंद्र जैन राजू , राकेश जैन खुटगुआ वाले , कोषाध्यक्ष जिनेंद्र जैन मड़ावरा, कमलेश जैन, वीरेंद्र जैन,राजेश जैन रज्जू, देवेन्द्र लुहारी सागर, त्रिलोक जैन, प्रीतेश जैन, मयंक जैन आदि ने किया। संचालन प्रदीप जैन मड़ावरा, नीरज शास्त्री ने किया। महोत्सव के प्रतिष्ठाचार्य को सम्मानित किया गया।

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