भूख एक बिमारी है, भोजन औषधि है।अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी

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औरंगाबाद  उदगाव नरेंद्र /पियूष जैन भारत गौरव साधना महोदधि    सिंहनिष्कड़ित व्रत कर्ता अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज एवं सौम्यमूर्ति उपाध्याय 108 श्री पीयूष सागर जी महाराज ससंघ का महाराष्ट्र के ऊदगाव मे 2023 का ऐतिहासिक चौमासा   चल रहा है इस दौरान  भक्त को  प्रवचन  कहाँ की
_अहो आश्चर्य !! आदमी पैसे कमाने के पहले शरीर को बिगाड़़ता है। जब शरीर बिगड़ जाता है, तो ठीक करने के लिये पैसा बिगाड़ता है। इसलिए आचार्यों ने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए षट रसी का प्रावधान दिया है। रविवार को नमक नहीं खाने से बी.पी कन्ट्रोल में रहती है। सोमवार को- हरी नहीं खाने से पेट ठीक रहता है। मंगलवार को- मीठा नहीं खाने से शुगर से बच जाते हैं। बुधवार को घी नहीं खाने से कोलेस्ट्रॉल कन्ट्रोल में रहता है। गुरूवार को – दूध नहीं पीने से गैस नहीं बनती है। शुक्रवार को- दही नहीं खाने से जोड़ों में दर्द नहीं होता है। शनिवार को- तेल नहीं खाने से कोलेस्ट्रॉल कन्ट्रोल में रहता है। ये जैन दर्शन की षट रसी है।
आधुनिक षट रसी— करने से मन शान्त और शरीर स्वस्थ रहता है। जैसे सोमवार को मोबाइल बन्द। मंगलवार को फेसबुक बन्द। बुधवार को बिजली बन्द। गुरूवार को – इन्टरनेट बन्द। शुक्रवार को वाहन त्याग। शनिवार को – WhatsApp बन्द। रविवार को- टी.वी बन्द।
ये रसी एक बार करके देखो। परमात्मा खुद आकर कहेगा – बस कर पगले, अब मेरी जान ही लेगा क्या???
विशेष— हमारे देश में रोज ईलाज कराने से 6 लाख करोड़ रूपये खर्च होते हैं। 84 हजार तरह की मेडिसीन है, उसमें सिर्फ 117 तरह की दवाईयांँ यूज होती है। इसलिए सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पेट भर पीयें। भोजन चबा चबा कर, भूख से एक रोटी कम खायें। क्योंकि _भूख एक बिमारी है, भोजन औषधि है।

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