आर्यिका विन्ध्य श्री माताजी ससंघ का चातुर्मास

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अनन्त चतुर्दशी पर्व धुलियानमें मनाया गया… आर्यिका विन्ध्य श्री माताजी ससंघ का चातुर्मास धुलियान में धर्म प्रभावना के साथ चल रहा है उन्होंने हमें दश दिन में दश धर्म का सार समझाया, अनन्त चतुर्दशी के दिन भगवान के अभिषेक शांति धारा पुजा-अर्चना के  पश्चात माताजी का उत्तम ब्रम्हचर्य के वारे में मंगल प्रवचन जिसमें उन्होंने कहा ‘पांचो  इंद्रियों के अधीन रहने वाले मन को हर प्रकार से नियंत्रित करना ही ब्रह्मचर्य है’ उसकेवाद तत्वार्थसुत्र का पाठ, दोपहर को भगवान को पालकी में विराजमान कर भव्य जुलुस निकाला गया तदपश्चात मंदिरजी में वासुपूज्य भगवान का मोक्षकल्याणक निर्वाण लड्डु आर्यिका संघ के सानिध्य में हर्षोल्लास के साथ चंढ़ाया गया,  ग्यात हो इस वर्ष धुलियान में श्रीमान साहिल झांझरी(16 कारण व्रत-उपवास), श्रीमान सुदेश सेठी, श्रीमति पिंकी गंगवाल व सुश्री नंदा बड़जात्या ने दशलक्षण व्रत-उपवास धर्म का पालन किया है, सायंकाल को महाआरती में धुलियान के सभी पुरुषवर्ग मष्तक में साफा पहनकर मंदिरमें उपस्थित हुए, उसकेबाद प्रवचन आदि का कार्यक्रम रहा…व्रतियों को सम्मानित किया गया…क्षमावणी पर्व में सब  एक दुसरे के घर जाकर क्षमा याचना करते है..संजय कुमार जैन बड़जात्या धुलियान मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल

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