जैन मित्र मंडल की होगी अनोखी सहभागिता
मुरैना (मनोज जैन नायक) जैन दर्शन का मूल आधार णमोकार महामंत्र है । विश्व शांति एवं कल्याण की भावना के साथ सम्पूर्ण विश्व में 09 अप्रैल को महामंत्र णमोकार दिवस मनाया जा रहा है । इस दिन सम्पूर्ण विश्व में जैन धर्मावलंबी प्रातःकालीन वेला में एक साथ महामंत्र णमोकार का वाचन करेंगे ।
जैन मित्र मंडल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन खनेता वाले एवं आयोजन के संयोजक राजकुमार जैन कुथियाना वाले द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक की पूर्व संध्या को आयोजित इस आयोजन में मुरैना जैन समाज की सेवाभावी संस्था जैन मित्र मंडल की विशेष भूमिका रहेगी । विश्व शांति एवं कल्याण, जीवदया, अहिंसा की पावन भावना के साथ जैन मित्र मंडल द्वारा 09 अप्रैल को अम्बाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियां जी जैन मंदिर में सैकड़ों बंधुओं की उपस्थिति में प्रातःकालीन वेला में महामंत्र णमोकार का वाचन किया जाएगा । उक्त कार्यक्रम में बंधुवर, माता बहिनें एवं युवा साथी एवं बच्चें अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे ।कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ।
बड़ा जैन मंदिर मुरैना के पूर्व मंत्री एडवोकेट धर्मेंद्र जैन नायक के अनुसार समस्त जैन संप्रदायों की सर्वमान्य अंतराष्ट्रीय संस्था जीतो ने इस आयोजन की रूपरेखा तैयार की है । 09 अप्रैल को पूरी दुनिया एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दिन का अनुभव करेगी। सुबह ठीक 08 बजकर 01 मिनट से 09 बजकर 36 मिनिट तक लाखों लोग णमोकार महामंत्र के सामूहिक जाप में भाग लेकर विश्व कल्याण के संदेश को फैलाएंगे। जीतो द्वारा आयोजित होने वाले इस अद्भुत आयोजन का उद्देश्य आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना और शांति व सद्भाव का संदेश प्रसारित करना है। इस आयोजन में 108 देशों के लोग भाग लेंगे। भारत सहित विश्व भर में 100 से अधिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 6000 से अधिक मंदिरों, तीर्थक्षेत्रों और अन्य स्थानों से इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे हर व्यक्ति इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बन सकेगा।
क्या है णमोकार महामंत्र
जैन मित्र मंडल के प्रवक्ता योगेश जैन आलेश ने बताया कि णमोकार महामंत्र प्राकृतिक भाषा में अनादि निदन मंत्र है । इस मंत्र में किसी व्यक्ति विशेष को नमस्कार नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्ति विशेष के गुणों को नमस्कार किया जाता है । इस मंत्र में श्री अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं इस लोक के सभी साधुओं को नमन किया जाता है । इस मंत्र में पांच पद और पैंतीस अक्षर होते हैं। इसका जाप या स्मरण करने मात्र से पापों का क्षय एवं सांसारिक कष्टों का अंत होता है ।
नवकार महामंत्र, जैन धर्म का सबसे गहन और पूजनीय मंत्र है। यह आत्मा की शुद्धि, मन की शांति, मोक्ष प्राप्ति और अहिंसा का संदेश देता है। नवकार महामंत्र व्यक्ति को सकारात्मकता और आध्यात्मिकता के मार्ग पर ले जाता है। नवकार मंत्र का जाप करने से जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। नवकार महामंत्र का जाप व्यक्ति को तनाव मुक्त कर सकारात्मक विचारों से भर देता है। नवकार महामंत्र केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शांति और विश्वकल्याण का प्रतीक है। इसके सामूहिक जाप से हम पूरे विश्व में सकारात्मकता और एकता का संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।