परम पूज्य, प्रवचन केसरी, मुनि श्री 108 विश्रांत सागर जी महाराज की प्रेरणा से मुनि सुब्रत नाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र (विदेह तीर्थ)कुंवरपुर में तीव्र गति से निर्माण चल रहा है,आप वहां पर पहुंचकर मंदिर के निर्माण की अनुमोद GVना करके पुन्यार्जन कर सकते हैं, वहां पर मुनिसुव्रत नाथ भगवान की कमल सहित सवा 12 फुट की प्रतिमा पद्मासन में एवं तीन अनुवद्ध केवली अर्थात् गौतम स्वामी, सुधर्म स्वामी, जम्बू स्वामी की सवा 9 फीट की प्रतिमाएं पद्मासन में, भरत एवं बाहुबली की सवा 12 फुट की खड़गासन में एवं विदेह क्षेत्र की वीस प्रतिमाएं सवा ९ फिट की एवं 3:45 फुट की त्रिकाल चौबीसी प्रतिमाएं विराजमान हो रही हैं ऐसा अद्भुत दृश्य देखने मिलेगा जो आपने शायद कहीं देखा नहीं होगा, आप जरूर पहुंचिए , अनुमोदना कीजिए जिससे शीघ्र ही यहां की जिन प्रतिमाओं का पंचकल्याणक हो सके, अनुवद्ध केवली एवं कुंडलपुर से पधारे श्रीधर केवली की प्रतिमा जी के दर्शन शायद अभी तक आपने नहीं किए होंगे जो कि यहां पर विराजमान हो रही है ,यदि आप अपनी चंचला लक्ष्मी का उपयोग करते हुए विराजमान करना चाहते हैं तो अभी कुछ ही प्रतिमाएं बची हैं आप जरूर संपर्क कर सकते हैं बहुत विशाल प्रतिमाएं बहुत कम राशि में विराजमान हो रही हैं इतनी कम रासी में कहीं भी प्रतिमाएं विराजमान करने का सौभाग्य नहीं मिलेगा इसलिए यदि आपके भाव बन रहे हों तो आप शीघ्र संपर्क करें, या फिर आपके कोई रिश्तेदार ,मित्र गण विराजमान करना चाहें तो उनको भी आप बतलाकर पुण्य कमा सकते हैं
महाराज ने बताया की क्षेत्र सबसे हटकर कुछ मनभावक प्रतिमाओं का क्षेत्र बन रहा है जहां पर दर्शन मात्र करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है और मन को अपार शांति के प्राप्त होती है
– महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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