गणतंत्र दिवस पर दादा रत्न पाटोदी चौराहे पर मुनि श्री पूज्य सागरजी के सानिध्य में हुआ ध्वजारोहण। देश सुरक्षित है तो धर्म सुरक्षित है और धर्म सुरक्षित है तो देश सुरक्षित रहेगा ये दोनों एक दूसरे के पुरक है।-मुनि श्री पुज्य सागर जी

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इंदौर (ओम पाटोदी)। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर शहर के दादा रत्न पाटोदी चौराहे पर राष्ट्र प्रेम और धर्म संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिगंबर जैन सामाजिक संसद, विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ, युवा एवं महिला प्रकोष्ठ इंदौर के तत्वावधान में आयोजित भव्य ध्वजारोहण समारोह मुनि श्री पूज्य सागरजी महाराज के पावन सानिध्य एवं श्री विनय बाकलीवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। मुनि श्री का प्रेरक उद्बोधन हुआ।

मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा गया देश सुरक्षित है तो धर्म सुरक्षित है और धर्म सुरक्षित है तो देश सुरक्षित रहेगा ये दोनों एक दूसरे के पुरक है। वर्तमान में हमारे धर्म और संस्कृति की पहचान खोते जा रहे हैं आज हमारी भावी पीढ़ी खारवेल, चन्द्रगुप्त मौर्य अशोक और अशोक के दादा बिन्दुसार के महानतम व्यक्तित्व से अपरिचित सी है। हमारा कर्तव्य है कि हम उन महान राजाओं के कार्यो से ननिहालो का परिचय करवाएं जिन्होंने अखण्ड भारत की स्थापना की और विदेशी आक्रांताओं से देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा।

उक्त जानकारी देते हुए वर्द्धमानपुर शोध संस्थान प्रमुख एवं विश्व जैन संगठन के महामंत्री ओम पाटोदी ने बताया कि इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से डीके जैन, अनिल जैनको, देवेंद्र जी, अशोक मेहता, ऋषभ जी, संजय जी, ओम पाटोदी, मनीष अजमेरा, और सौरभ जी, स्वप्निल जैन, शैलेंद्र जी, विशाल जी, अमित जी, कपूर पाटनी, प्रदीप बड़जात्या,  वीरेंद्र बड़जात्या, मनोज जी राकेश जैन, अजय जैन महेंद्र जी अभिषेक जी निमिष प्रद्युम्न जी भूपेंद्र जी कविराज दीपेश जी, अशोक जी आदि सैकड़ों लोगों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाने वालों में प्रदीप पाटोदी, राजेश जी और एडवोकेट पारस संजीव जी चक्रेश जी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान समाज के श्री नकुल पाटोदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “हमारा संविधान ही हमारी असली शक्ति है, इसकी रक्षा करना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजना हर नागरिक का परम कर्तव्य है।” कार्यक्रम को ओम पाटोदी, अशोक मेहता, सामाजिक संसद के नव नियुक्त अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, जैनेश झांझरी, मनीष अजमेरा, रेखा जैन आदि ने भी संबोधित किया। गणतंत्र के इस उत्सव में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान रेखा जैन, अनामिका जी, प्रमिला जी, मेघना जैन, प्रेरणा जैन, निर्मला जैन, ऋतु जैन, दृषि, ऐरा सहित अनेक मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी, स्वप्निल जैन, दिपेश जैन, अक्षत मून आदि सदस्यों ने सहभागिता की। ओम पाटोदी ने आचार्य श्री विद्यासागर जी के स्मरण करते हुए उनके भारत को सही रूप में भारत बनाने के संकल्प को दोहराया और कहा की जब-तक हम लोग मानसिक गुलामी से मुक्ति नहीं पा लेते जब तक हमारी आजादी अधूरी ही है।

कार्यक्रम का सफल संचालन विश्व जैन संगठन इंदौर के अध्यक्ष मयंक जैन द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में गणतंत्र और भगवान महावीर के सिद्धांतों को आधुनिक लोकतंत्र से जोड़कर प्रभावी विचार रखे।

ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ एवं मिष्ठान वितरण कर खुशियां मनाई गईं। कार्यक्रम के अंत में जिनेश झांझरी ने सभी अतिथियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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