वैराग्य मृत्यु का कोई समय तारीख नहीं होती कभी भी वैराग्य के भाव मृत्यु आ जाती है
/गणिनी आर्यिका संगममती माताजी/
नैनवा जिला बूंदी 28 मार्च शनिवार 2026
शांति वीर धर्म स्थल पर आर्यिका संगममती माता ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया
यह पूरा संसार ही भोगों के कारण प्रिय लगता है संसार से निकलने के लिए पुण्य का होना बहुत जरूरी है
मनुष्य जान बूझकर पाप नहीं करना चाहता लेकिन अज्ञानता वस पाप होते हैं
मनुष्य के जीवन में वैराग्य का कोई समय निश्चित नहीं रहता कभी भी मन के अंदर वैराग्य के भाव उत्पन्न हो जाते हैं उसी प्रकार मृत्यु का कोई निश्चित समय नहीं होता कभी भी मृत्यु जीव को अपने साथ ले जाती है
मृत्यु से डरना नहीं मृत्यु का सम्मान करना चाहिए एक दिन तो उसे आना ही है जिसने जन्म लिया है उसका मरण निश्चित है
मनुष्य को अपने जीवन में अच्छी ज्ञान और धर्म की बात बहुत देर से समझ में आती है अज्ञान की बात को बहुत ही जल्दी अपने मन में उतार लेता है
इस संसार की परिभ्रमण की कथा बहुत लंबी है कभी समाप्त होने वाली नहीं है
माता ने यह भी बताया कि संसार में मेरा कुछ भी नहीं है सब जानते हैं परंतु कोई मानता नहीं है जब शरीर
ही हमारा साथ नहीं देता तो दूसरा अपना पुत्र पड़ोसी हमारा साथ क्यों देगा शरीर को 24 से घंटे मनुष्य अपने साथ लेकर नाना प्रकार के सजावट श्रृंगार देखरेख करता है फिर भी वह उसका साथ नहीं देता
मनुष्य का शरीर आत्मा दूध व पानी की तरह है शरीर को तपाने पर आत्मा में ईश्वर की प्राप्ति होती है
जितने भी वस्तुएं संसारी भोग की है वह सब जमीन से प्राप्त होती है यहां तक की हीरे मोती सोना चांदी आदि भी जमीन से प्राप्त होते हैं वह भी हम हमारे साथ नहीं जाते हमें छोड़कर जाना पड़ता है
इस जीव ने शरीर का श्रृंगार तो बहुत किया एक बार अपनी आत्मा का श्रृंगार करके देखें
साधु जब कैश लोच करते हैं उन्हें बड़ी खुशी होती है सुखे घास की तरह अपने बालों को अपने हाथों से उखाड़ कर फेंक देते हैं
दिगंबर संत आर्यिका को कभी अपने शरीर से ममत्व भाव होते ही नहीं है
इसलिए संसार में दिगंबर संत सभी के चहेते एवं पूज्य होते हैं
इस जीव ने अनेको बार भगवान का कल्याणक अवश्य मनाए हैं परंतु चिकने घड़े पर असर नहीं होता यही संसार जीव का यही हाल है संसार की हवा लगते हैं संसार का प्राणी इस हवा में रम जाता है
अपार भक्तों धर्म सभा में धर्म लाभ प्राप्त किया
महावीर कुमार सरावगी दिगंबर जैन समाज
प्रवक्ता नैनवा















