हुब्बल्ली
वेदाश्री कला संगम के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय स्तर की प्रदर्शनी एवं दृश्य कला महोत्सव ‘कौशिकी 2025’ का आयोजन अत्यंत भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कला महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आई बाल प्रतिभाओं ने अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कर्नाटक, केरल, विशाखापत्तनम, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं चेन्नई सहित देश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों बच्चों ने भाग लेकर इस मंच को जीवंत बना दिया। महोत्सव के अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, पश्चिमी नृत्य, कर्नाटक एवं हिंदुस्तानी संगीत, वाद्य संगीत तथा चित्रकला जैसी विविध श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इस वर्ष महोत्सव का विशेष आकर्षण ‘ज्ञानपायनिधि’ नृत्य शैली रही, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करने की अभिनव पहल की गई।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्णायकों द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में अमेरिका के गुरु प्रसन्ना कस्तूरी, बेंगलुरु के कलायोगी पुलिकेशी कस्तूरी तथा कतर के डॉ. विष्णु सेल्वा कुमार शामिल थे। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही ‘कौशिकी सम्मान’, ‘कलाभूषित सम्मान’, ‘नृत्य साधक’ एवं ‘नृत्य संहिता सम्मान’ जैसे विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के कपड़ा, शुगर एवं एपीएमसी मंत्री तथा हावेरी जिला प्रभारी मंत्री शिवानंद पाटिल के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम समिति के सदस्य एवं समाजसेवी महेंद्र एच. सिंघी उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में विमल तालिकोटि, उदय धाडोटी, सुजाता दयान, अशोक बी. दयान एवं एसीपी नवलगुंड सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का सफल संचालन भाग्यश्री काशीना ने किया। मिशी गौरव तथा दयानवारा एवं दयानवरा निसर्ग वंदाकुदरी के मार्गदर्शन में आयोजित यह कला महोत्सव बच्चों में कला के प्रति रुचि, अनुशासन एवं आत्मविश्वास विकसित करने में अत्यंत सफल रहा।
कार्यक्रम आयोजक ख़ुशी जैन एवं गौरव जैन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा समारोह में सहभागिता के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।












