वासुपूंजयमति माता जी की समाधि मरण पर बूंदी दिगम्बर जैन समाज ने की विनयांजलि सभा
बूंदी निवासी आर्यिका वासुपुजयमति माता जी का संलेखना पूर्वक समाधि मरण,19फरवरी को जेन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा मे वात्सल्यवारीधी आचार्य वर्धमान सागर महाराज गंणिनी आर्यिका
सरस्वती माता जी व गणिनी आर्यिका स्वस्ति
भूषण माताजी के के सानिध्य में हुआ।
इसको लेकर रविवार को चौगान जैन नोहरा में स्थित आदिनाथ भवन में दिगंबर जैन समाज बूंदी ने विनयांजलि व गुणोवादसभा का आयोजन किया गया।
बूंदी खंडेलवाल सरावगी समाज संस्थान के मंत्री योगेंद्र जैन मिंटू ने बताया कि विनयांजलि सभा से पूर्व भगवान महावीर स्वामी के चित्र पर खंडेलवाल सरावगी समाज के पूर्व अध्यक्ष कैलाश चंद पाटनी रविंद्र काला ओमप्रकाश बडजात्या विनोद पाटनी ने दीप प्रज्वलित किया।
विनयांजलि सभा के प्रारंभ में नौ बार णमोकार मंत्र का पाठ किया गया।
विनयांजलि सभा में श्रीमती शकुंतला बड़जात्या बबीता गंगवाल कनक माला पाटनी ने तथा समाज के धर्म निष्ठव्यक्ति राजकुमार जैन ने संलेखना पूर्वक समाधि मरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिस भी व्यक्ति की आचार्य या गंणिनी आर्यिका माताजी के सानिध्य में समाधि मरण होता है वह निश्चयी देवलोक
गति को प्राप्त होता है।
इस विनयांजलि सभा में पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश बड़जात्या कैलाश चंद पाटनी रविंद्र काला नरेश पाटोदी खंडेलवाल सरावगी समाज के अध्यक्ष संतोष पाटनी ने तथा अशोक शाह उनकागुणोवाद किया तथा उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए विनयांजलि अर्पित की।
वासु पूज्यमती माताजी के परिवार के सदस्य संमपत अजमेरा ने दीक्षा से लेकर सल्लेखना तक का वर्णन किया तथा तीनों गुरुओं का आभार व्यक्त किया।
अंत में शांति पाठ का वाचन सुरेश सोनी ने किया तथा नौ बार मंत्री का पाठ किया गया।
विनियाजलि सभा का संचालन समाज के मंत्री योगेंद्र जैन मिंटू ने किया
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