वैराग्य के पथ पर बढ़ते दृढ़ कदम – डॉ. अमित जैन “राजा भैया” का प्रेरक निर्णय
आज के भौतिकवादी युग में जहाँ अधिकांश लोग उच्च पद, वेतन और सुविधाओं को ही जीवन का अंतिम लक्ष्य मान बैठते हैं, वहीं कुछ विरले आत्माएँ ऐसी भी होती हैं जो सब कुछ प्राप्त कर लेने के बाद भी आत्मशांति और मोक्षमार्ग की खोज में निकल पड़ती हैं। ऐसे ही एक प्रेरक व्यक्तित्व हैं डॉ. अमित जैन, जिन्हें स्नेहपूर्वक “राजा भैया” के नाम से जाना जाता है।
22 नवंबर 1980 को सतना में जन्मे डॉ. अमित जैन ने अपने परिश्रम और प्रतिभा से चिकित्सा जगत में एक ऊँचा स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में वे सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी विभाग में एनेस्थीसिया के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। लगभग 4,65,000 रुपये प्रतिमाह के वेतन के साथ वे एक सफल और सम्मानित जीवन व्यतीत कर रहे थे। इससे पूर्व वे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर में भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। एनेस्थीसिया विषय पर उनकी दो पुस्तकों का लेखन भी उनके विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व का प्रमाण है। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषाओं पर उनका अच्छा अधिकार है, जिससे वे चिकित्सा और अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में समान रूप से दक्ष रहे हैं।
चार भाई-बहनों के परिवार में सबसे छोटे “राजा भैया” ने सदैव सादगी और अनुशासन का जीवन अपनाया। आजीवन नमक और मीठे का त्याग, रसयुक्त भोजन का सेवन और पाँच हरि लेने जैसे नियम उनके संयमित जीवन का हिस्सा रहे हैं। ब्रह्मचारिणी डॉ. रेखा दीदी के सान्निध्य और प्रेरणा से उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया और आत्मिक उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाए। हाल ही में वे जैन शिक्षा के प्रसार हेतु दिसंबर माह में लंदन भी गए, जहाँ उन्होंने भारतीय संस्कृति और जैन सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया।
अब वे वैराग्य के मार्ग पर अग्रसर होते हुए श्री108 आचार्य भगवन समयसागर जी महाराज के परम आशीर्वाद से मोक्षमार्ग की ओर बढ़ रहे हैं। इतना ऊँचा पद, प्रतिष्ठा और वेतन त्याग कर आत्मकल्याण के लिए आगे बढ़ना वास्तव में साधारण निर्णय नहीं है। यह त्याग और आत्मबल ही उन्हें विशेष बनाता है।
हम सभी के लिए उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और संयमित जीवन में निहित है। आदरणीय रेखा दीदी के प्रेरणास्रोत और हमारे अपने ब्रह्मचर्य “राजा भैया” को इस महान निर्णय के लिए हृदय से बहुत-बहुत बधाइयाँ और मंगलकामनाएँ। ईश्वर उन्हें इस पवित्र पथ पर दृढ़ता और सफलता प्रदान करे
योगेश जैन संवाददाता टीकमगढ़












