ष्अजमेर 30 अगस्त, 2025 दिगम्बर जैन समाज का प्रमुख पर्व दसलक्षण धर्मश्रृंखला के अन्तर्गत आज तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का अर्थ -आर्जव धर्म सरलता देने वाला, अंदर की कुटिलता को समाप्त करने वाला है । दिगम्बराचार्यो ने माया का वर्णन करते हुए कहा कि जो मन की, वचन की, काय की दुष्प्रवृति है वह माया कहलाती है । मुख से कुछ ओर कहता है, षरीर से और कुछ करता है ऐसी स्थिति जहां भी निर्मित होती है। आचार्यो ने उसे माया का नाम दिया है ।
अखिल भारतवर्षीय बहुउदेषीय दिगम्बर जैन महासभा अजमेर संभाग के महामंत्री कमल गंगवाल संभाग संयोजक संजय कुमार जैन ने बताया कि आचार्य उमास्वामी तत्वार्थ सूत्र में कहते है –
छल कपट का, मायाचारी का त्याग नहीं होगा तो आर्जव धर्म का पालन नहीं होगा ।सरलता में बहुत कष्ट होता है, पीडा बहुत होती है । लोग इस बात का फायदा उठाते है और सरल व्यक्ति को ही कष्ट देते है लेकिन सरलता में ही मोक्ष मार्ग और आर्जव धर्म है ।
गंगवाल व जैन ने बताया कि आज प्रातः सभी जिन मन्दिरजी, नसियांजी, कालोनियों के मन्दिर, अतिषय क्षेत्र पर पुण्यार्जक परिवारों द्वारा जिनेन्द्र अभिषेक एंव वृहदषान्तिधारा सभी श्रीजी भगवान पर की गई । तत्पष्चात दसलक्षण महामंडल विधान के मांडने पर दस धर्म के अन्तर्गत आज नित्य नियम पूजन, नवदेवता पूजन, सोलहकारण पूजा, दसलक्षण धर्म पर पूजा, उत्तम आर्जव धर्म पर पूजा की गई और मांडने पर अष्टद्रव्य श्रावकों द्वारा समर्पित किये गये ।
दीपक जैन पटवा ने बताया कि दसलक्षण धर्म के सभी मन्दिरजी व नसियांजी में दोपहर में तत्वार्थ सूत्र वाचन, सांय महाआरती, णमोकार पाठ हुआ तत्पष्चात भजन गायक निर्मल गंगवाल एंड पार्टी द्वारा पर्यूषण श्रृंखला के दौरान जगह जगह अपने मुखार बिन्द से धार्मिक भजनों की प्रस्तुति देकर धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साह वर्धन कर रहे है ।
रविवार को पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जायेगा ।
रविवार को सुबह 1008 पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस के अवसर पर सभी मन्दिरजी में मोदक समर्पित किया जायेगा एंव उत्तम षौच धर्म पर प्रवचन आदि कार्यक्रम होंगें ।
संजय कुमार जैन संभाग संयोजक 9828173258
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