तनाव मुक्ति के लिए आर्यिका श्री विश्वासश्री माताजी का अभिनव प्रयोग आनंद यात्रा: डडूका में अभूतपूर्व धर्म प्रभावना.

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तनाव मुक्ति के लिए आर्यिका श्री विश्वासश्री माताजी का अभिनव प्रयोग आनंद यात्रा: डडूका में अभूतपूर्व धर्म प्रभावना…………………..
आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज की सुशिष्या आर्यिका श्री विश्वासश्री माताजी द्वारा दिगंबर जैन समाज डडूका, जैन युवा समिति डडूका तथा दिगंबर जैन पाठशाला डडूका के बच्चों के साथ अपनी प्रवचन गंगा से अभूतपूर्व धर्म प्रभावना की जा रही है। प्रातः मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का जलाभिषेक माताजी द्वारा मंत्रोच्चार के साथ समाजजनों ने किया। नवमे तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ के गर्भ कल्याणक पर्व पर अर्घ्य समर्पित किए गए। समाजजनों द्वारा आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज जी की तस्वीर सम्मुख दीप प्रज्वलन कर प्रातःकालीन सभा का शुभारंभ किया गया। प्रातःकालीन सभा में माताजी ने कहा की देव, शास्त्र, गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा हमें वो सब कुछ दे देती है जिसको पाने की इच्छा हम अपने मन में रखते हैं। सच्चा जैन हमेशा अपने तीर्थंकरों ओर देव, शास्त्र ओर गुरु पर पूर्ण श्रद्धा और आस्था रखता है। माताजी ने कहा की जैसे संस्कार हमारी माता बहने अपने बच्चों को बचपन से देंगी वो वैसे ही बड़े हो कर बनेंगे। जब भी नगर में संत आते हैं तो वहां सोना, सोना हो जाता है और उनके विहार करते ही वहां सुना सुना हो जाता है। माताजी ने समाधिस्थ आचार्य श्री विराग सागरजी के जीवन की कई घटनाएं सुनाते हुए कहा की उनका जन्म 02मई 1963को पथरिया दमोह मध्यप्रदेश में हुआ था। उनकी माताजी का नाम श्यामा देवी ओर पिता श्री कपूर चंद जी थे।
शाम की आनंद यात्रा में माताजी ने अपने रोचक और चुटिले अंदाज़ में श्रावकों को तनाव मुक्ति का पथ प्रशस्त किया। वस्तुत: तनाव मुक्त समाज निर्माण में माताजी के आनंद यात्रा में आनंददाई पल महत्वपूर्ण उपाय साबित हो रहे हैं। रात्रि के प्रश्न मंत्र में अजीत कोठिया, रेखा सेठ,राजेंद्र कोठिया तथा दीक्षिता जैन को विजेता रहने पर जैन युवा समिति डडूका द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। जिनवाणी स्तुति के साथ संपन्न आयोजन मे कई समाजजनों ने हिस्सा लिया। आभार समाज अध्यक्ष राजेश जैन एवं समिति अध्यक्ष चिराग जैन ने व्यक्त किया।

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