बकस्वाहा / – // रत्नेश जैन रागी // निकटवर्ती लघु सम्मेदशिखर के नाम से सुविख्यात जैन तीर्थ द्रोणगिरि की पावन धरा पर उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी का ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती महोत्सव 20 से 22 मार्च 2026 तक अनेक कार्यक्रमों के साथ परम पूज्य युवा श्रुत संवाहक श्रवण मुनि श्री समत्व सागर जी एवं श्री शील सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसकी समस्त तैयारियां विभिन्न उप समितियों के माध्यम से पूर्ण कर ली गई है ।
महोत्सव समिति के संयोजक प्रमोद जैन गुरुग्राम एवं द्रोणगिरि की प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष राजेश जैन रागी ने बताया कि उत्तरांचल दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के स्वर्ण जयंती महोत्सव में धर्मसभा, प्रवचन , श्रमण संस्कृति के संवर्धन पर विशेष विमर्श , इतिहास – पुरातत्व एवं धरोहर विषयक सत्र , युवा सम्मेलन , चिंतन गोष्ठियां , सम्मान समारोह तथा सांस्कृतिक – आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है , जिसमें देश-विदेश से विद्वान ,संतवृंद , न्यायायिक व प्रशासनिक अधिकारी , समाज के वरिष्ठ जन सहभागिता करेंगे ।
पुस्तक को मिलेगा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अवार्ड
जैन समाज के अमूल्य रत्न इसरो के वैज्ञानिक डॉ. राजमल जी जैन कोठारी अहमदाबाद द्वारा विरचित पुस्तक Exploring Shraman Tradition over the Globe को Golden Book Of World Records द्वारा श्रमण संस्कृति की प्राचीनता पर प्रथम पुस्तक की मान्यता मिलने पर 21 मार्च को डा. राजमल जी को द्रोणगिरि सिद्ध क्षेत्र पर आयोजित इस गरिमामय महोत्सव के दौरान सम्मानित किया जाएगा। यह अवसर हमारी श्रमण संस्कृति के सभी अनुयायियों के लिए एक महान उपलब्धि और गौरव का समय है ।
तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष शैलेंद्र जैन सहित सभी पदाधिकारियों ने सभी सम्माननीय बन्धुओं से निवेदन किया है कि इस अवसर पर पधार कर महोत्सव को गरिमा प्रदान करें साथ ही तीर्थ वंदना से पुण्य संचय कर जीवन को सार्थक करें ।












