सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन आज
कर्म को काटने वाला बड़ा होता है: बा. ब्र. संजीव भैया
गुवाहाटी। स्थानीय एमएस रोड स्थित भगवान महावीर धर्म स्थल में चल रहे अष्टान्हिका महापर्व के आखिरी दिन बा. ब्र. संजीव भैया ने श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान पूजन में बैठे भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्म बलवान नहीं होता है, कर्म को काटने वाला बलवान होता है। जैसा तुम भाव करते हो, वैसा ही कर्मों का वध होता है। कम दो प्रकार के हैं शुभ कर्म, दूसरा अशुभ कर्म । यदि हम चोरी, चमारी, ईर्ष्या इत्यादि करेंगे तो हम में अशुभ कर्मों का असर होगा और यदि हम दया भाव रखेंगे,सेवा,पुजा, इत्यादि करेंगे तो हम में शुभ अक्षय का वध होगा और फिर हमें वैसा ही फल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस सिद्धचक्र मंडल विधान पूजन के माध्यम से जो लोग विनय पूर्वक सिद्ध परमेष्ठी की आराधना भक्ति भाव से कर रहे हैं वह सब पुण्यशाली जीव है। भैया जी के निर्देशन में श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा करने के पश्चात इंद्र-इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों द्वारा संगीतमय स्वर लहरियो के साथ पूजा-अर्चना कर विधान के अघय चढाएं गए। तत्पश्चात साय: 3.00 बजे वार्षिक- प्रतिक्रमण एवं ध्यान का भव्य समागम भैया जी के दिशा निर्देशन में हुआ। इस आठ दिवसीय महापर्व का समापन बुधवार को प्रात: 6:00 बजें श्रीजी का कलशाभिषेक , शांतिधारा, दैनिक पूजन,शांति विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पश्चात होगा। यह जानकारी समाज के प्रचार-प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सहसंयोजक सुनील कुमार सेठी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।।














