श्रृंगार की चमक अलग होती है और चारित्र की चमक होती है

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श्रृंगार की चमक अलग होती है और चारित्र की चमक होती है
/जैन संत प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज/
3 अप्रैल शुक्रवार 2026
छतरपुर मध्य प्रदेश
दिगंबर जैन बड़े मंदिर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया
जो आज मनुष्य महिला श्रंगार कर रही है कुछ समय के लिए होता है अस्थाई होता और चरित्र का श्रृंगार जीवन भर उसके साथ रहता है उसे मनुष्य की पहचान बनती है
फेस वाश लगाने से कुछ नहीं होगा चारित्र का फेस वॉश लगाओ तो चमक आएगी, आचार्य श्री विद्यासागर जी, आचार्य श्री विराग सागर जी, आचार्य विशुद्ध सागरजी से महाराज ने कौन सा फेस वॉश लगाया यह प्रवचन परम पूज्य प्रवचन केसरी मुनि श्री 108 विश्रांत सागर महाराज जी ने बड़े मंदिर जी छतरपुर में दिए
महाराज ने यह भी बताया जो महिलाएं आज दुनिया भर की लिपस्टिक पाउडर नेल पॉलिश वॉश कई प्रकार का श्रृंगार करती है
इस श्रृंगार करने से उनकी सुंदरता नहीं बढ़ती बल्कि सुंदरता घटती है
संत ने यह भी कहा कि जो भगवान ने रूप रंग सौंदर्य दिया है वह स्थाई है बनावटी श्रृंगार तो कुछ समय होने के बाद समाप्त हो जाता है
जितना समय आईना कांच के सामने श्रृंगार में लगाते हो उतना समय भगवान के प्रतिमा के सामने खड़े होकर उनकी भक्ति करने में लगाओगे तो आपका जीवन भर कल्याण होगा
धर्म ही जीवन की अंतिम समय में साथ देने वाला सबसे बड़ा अस्त्र है
जिनालय में आए सभी भक्तों ने मुनि की जय जयकार की जय घोष लगे

आहार का सौभाग्य अध्यक्ष श्री अन्नु भैया को भी प्राप्त हुआ

महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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