नई दिल्लीः प्राचीन श्री अग्रवाल दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान और आचार्य श्री श्रुतसागरजी और सौरभसागरजी के संघ सान्निध्य में श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर चांदनी चौंक के 15 से 20 फरवरी तक आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव में लालकिला मैदान के भव्य पंडाल में प्रतिष्ठित त्रिकाल चौबीसी की 72 प्रतिमाएं भव्य शोभायात्रा के साथ लाल मंदिर में विराजमान की गई।
भव्य घटयात्रा से शुरू महोत्सव में गर्भ कल्याणक के बाद जन्मकल्याणक पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई और पांडुक शिला पर 1008 कलशों से जिनेंद्र भगवान का अभिषेक किया गया। संतों ने तीर्थंकर भगवान के जन्म पर संस्कारों का महत्व बताया। तपकल्याणक पर तीर्थंकर भगवान की बालक्रीडाओं का प्रेरक मंचन किया गया। इस मौके पर नैतिक शिक्षा समिति के सभी पदाधिकारियों धनपाल सिंह जैन, सुरेश जैन, नरेंद्र जैन, मनोज जैन, रमेश जैन, पीके जैन, जिनेंद्र जैन, कुलदीप जैन आदि ने विनयांजलि अर्पित की। संतों ने समिति के 40 वर्षों के योगदान को सराहते हुए सभी को नैतिक शिक्षा के लिए प्रेरित किया। केवलज्ञान कल्याणक के बाद अंतिम दिवस शुक्रवार को मोक्षकल्याणक पर पूर्णाहूति के बाद त्रिकाल चौबीसी की प्रतिष्ठित 72 प्रतिमाएं नवीन वेदी में विराजित की गई। मंदिर के प्रबंधक पुनीत जैन के अनुसार 1947 में भारत-पाक बंटवारे के समय मुलतान और डेरा गाजी खान से लाई गई 24 प्रतिमाएं भी नवीन वेदी में विराजमान की गई। अनिल जैन-लिल्ली के अनुसार 180 वर्ष प्राचीन डिप्टीमल जैन चैत्यालय, धर्मपुरा की 13 प्रतिमाएं भी शोभायात्रा के रूप यहां लाकर वेदी में स्थायी रूप से यहां विराजित की गई। वेदी के शिखर पर कलशारोहण और ध्वजारोहण किया गया। ब्र.धर्मचंद शास्त्री और प्रदीप मधुर, नरेश जैन कांसल ने प्रतिष्ठा के कार्य संपन्न कराए।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष चक्रेश जैन ने बताया कि लालमंदिर के इतिहास में 432 वर्ष बाद यह ऐतिहासिक महोत्सव हुआ। जिनराज जैन, कमल जैन, प्रमोद जैन- वर्धमान, तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जंबू प्रसाद जैन, हेमचंद जैन, नवीन जैन, नीरज जैन, नवीन जैन-मुलता न,कविता, प्रीति, राजश्री, प्राची जैन आदि विशिष्ट व्यक्तियों का विषेश योगदान रहा।
प्रस्तुतिः रमेश चंद्र जैन ए़डवोकेट नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली
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