श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा चैरिटेबल ट्रस्ट के परम सम्मानित ट्रस्टी श्री अजीत कुमार विमला देवी जैन पांड्या जी की स्वर्ण जयंती विवाह वर्षगांठ भव्यता के साथ कोलकाता में मनाई गई
श्री अजीत – विमला देवी जैन पांड्या जी की 50वीं विवाह वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती) का आयोजन अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में धूमधाम से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं पुण्य अवसर पर परिवारजनों, इष्ट-मित्रों, समाजबंधुओं एवं महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री गजराज जैन गंगवाल जी, महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री पवन जैन गोधा जी, तीर्थ संरक्षिणी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजकुमार सेठी जी , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीर्थ संरक्षिणी महासभा के अशोक चूड़ीवाल जी धर्म संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ललित जैन सरावगी जी
सहित महासभा के अनेक ट्रस्टी, राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री गजराज जैन गंगवाल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि
“श्री अजीत कुमार जैन पांड्या एवं श्रीमती विमला देवी जैन पांड्या जी का 50 वर्षों का वैवाहिक जीवन संयम, संस्कार, समर्पण और आपसी विश्वास का अनुपम उदाहरण है। आज के समय में ऐसा दीर्घ और सफल दांपत्य जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी है। मैं जिनेंद्र भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि यह दंपत्ति उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के साथ इसी प्रकार समाज और परिवार को मार्गदर्शन देते रहें।”
इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री आदरणीय श्री पवन जैन गोधा जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि
“श्री अजीत कुमार जैन पांड्या एवं श्रीमती विमला देवी जैन पांड्या जी का स्वर्णिम वैवाहिक जीवन पारिवारिक मूल्यों, आपसी सहयोग और संस्कारों की सशक्त मिसाल है। आज की पीढ़ी के लिए यह दांपत्य जीवन प्रेरणास्रोत है। मैं दोनों को इस गौरवशाली उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।”
सभी अतिथियों ने स्वर्ण जयंती दंपत्ति को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ प्रदान कीं। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि श्री अजीत कुमार जैन पांड्या एवं श्रीमती विमला देवी जैन पांड्या जी का 50 वर्षों का वैवाहिक जीवन आपसी समर्पण, संस्कार, सहयोग और पारिवारिक मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
समारोह के दौरान मंगलाचरण, सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण रहा। अंत में स्नेह भोज के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।












