श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 05 फरवरी 2026 को कोलकाता में सम्पन्न

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श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 05 फरवरी 2026 को कोलकाता में सम्पन्न

श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न प्रांतों से पधारे प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गजराज जैन गंगवाल ने की। इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री पवन जैन गोधा, तीर्थ संरक्षिणी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजकुमार सेठी जी, तीर्थ उपाध्यक्ष श्री अशोक जैन चूड़ीवाल , धर्म संरक्षिणी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ललित जैन सरावगी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाज के सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक में जैन समाज की वर्तमान स्थिति, संगठनात्मक सुदृढ़ता तथा आगामी जैन जनगणना/जनसंख्या गणना अभियान को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में इस अभियान को समाज के अस्तित्व, पहचान एवं भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जनगणना अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने हेतु प्रांत, जिला एवं नगर स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा तथा युवाशक्ति और महिला वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, साधु-संतों, सामाजिक संस्थाओं एवं विभिन्न समाजिक मंचों के माध्यम से व्यापक जनजागृति फैलाने पर विशेष बल दिया गया।
धर्म संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री पवन जैन गोधा ने कहा कि जैन समाज की एकता, पहचान और भविष्य की सुरक्षा के लिए जैन जनगणना जागृति अभियान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल आँकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने का एक व्यापक प्रयास है।

तीर्थ संरक्षिणी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजकुमार सेठी जी ने अपने संबोधन में कहा कि जैन समाज की पहचान और आस्था का केंद्र हमारे प्राचीन तीर्थ हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन प्रत्येक जैन का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जैन जनगणना जागृति अभियान से समाज की वास्तविक संख्या, भौगोलिक स्थिति और आवश्यकताओं का स्पष्ट चित्र सामने आएगा, जिससे तीर्थों की सुरक्षा, विकास एवं प्रबंधन के लिए ठोस योजनाएँ बनाई जा सकेंगी।

तीर्थ उपाध्यक्ष श्री अशोक जैन चूड़ीवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जैन तीर्थ केवल पूजा के स्थान नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और आस्था के जीवंत केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जैन जनगणना जागृति अभियान से समाज की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा, जिससे तीर्थों के संरक्षण, विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक योजनाएँ बनाई जा सकेंगी।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे जनगणना अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएँ तथा तीर्थ संरक्षण के कार्यों में भी सहयोग प्रदान करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी धरोहर सुरक्षित रह सके।

उन्होंने समाजजनों से आग्रह किया कि वे जनगणना अभियान में पूर्ण सहयोग दें और तीर्थों से जुड़े विषयों पर भी सजग रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही अपने तीर्थों, परंपराओं और संस्कृति की रक्षा प्रभावी ढंग से कर सकता है।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर जन-जन तक पहुँचें, लोगों को जनगणना की प्रक्रिया समझाएँ तथा यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक जैन परिवार अपनी सही जानकारी दर्ज कराए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की सहभागिता को अभियान की सफलता की कुंजी बताया।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गजराज जैन गंगवाल ने सभी पदाधिकारियों से संगठित होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि एकजुट प्रयासों से ही जैन समाज को सशक्त और संगठित बनाया जा सकता है।

बैठक का समापन सकारात्मक वातावरण एवं समाजहित में ठोस कार्ययोजना के संकल्प के साथ हुआ।

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