सर्वकल्याणकारी होगी विहसंत सागर तीर्थधाम की स्थापना
501 पवित्र स्थलों की मिट्टी से 15 मार्च को होगा शिलान्यास
मुरैना/इटावा (मनोज जैन नायक) जैन संत मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंत सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से जैतपुरा इटावा में विहसंत सागर तीर्थ धाम का भव्य शिलान्यास समारोह रविवार 15 मार्च को जैतपुरा (उदी मोड़) इटावा में होने जा रहा है ।
विहसंत सागर चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार नव निर्माणाधीन विहसंत सागर तीर्थधाम में विश्व की प्रथम अद्वितीय सवा 19 फीट की श्री मल्लिनाथ भगवान की प्रतिमा विराजमान होगी। जिसका शिलान्यास आगामी 15 मार्च को जैतपुरा उदी मोड़, इटावा में होने जा रहा है। जिसमें एक साथ 15 परियोजनाओं का शिलान्यास भी होगा। इस क्षेत्र के निर्माण से इस क्षेत्र की तकदीर ही नहीं तस्वीर भी बदल जाएगी।
मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज ने बताया कि विहसंत सागर तीर्थधाम सर्व कल्याणकारी होगा। जिसमें भारत के प्रथम 41 फीट ऊंचे मानस्तम्भ में 72 प्रतिमाओं को विराजमान किया जाएगा। जिससे 5 किमी दूर से लोगों को भगवान के दर्शन होगे। इस शिलान्यास में 24 हजार किमी की यात्रा करने के बाद प्रतिनिधि मंडल 501 कलशों में 501 तीर्थ क्षेत्रो की मिट्टी लेकर कल इटावा पहुंचेगे। जिसमें 300 जैन संतों एवं 12 भट्टारकों ने अभिमंत्रित लौंग भेजी है, जिन्हें शिलान्यास के समय नींव में रखा जायेगा। इस शिलान्यास समारोह में 12 राज्यों से श्रद्धालु, नेतागण इस पल के साक्षी बनेंगे।
15 प्रोजेक्टो का होगा शिलान्यास
चार बीघा के विशाल भूखण्ड के बनने वाले विहसंत सागर तीर्थधाम में आगामी 15 मार्च को एक साथ 15 प्रोजेक्ट का शिलान्यास उपाध्याय विहसंत सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में होगा । जिसमें भगवान मल्लिनाथ का जिन मंदिर, विहसंतसागर त्यागीब्रती आश्रम, हॉस्पीटल, संग्रहालय, विरागोदय आहारशाला, गौशाला, तीर्थंकर वाटिका, विरागोदय गुरूकुल, त्रिकाल चौबीसी मानस्तम्भ, मेडिटेशन टेम्पल, आश्रय भवन, विहसंत ऑडिटोरियम, भोजनालय, यात्री निवास को शामिल किया गया। यह कार्य आगामी डेढ़ साल में पूरा हो जाएगा जिसमें हजारों व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।
12 को इटावा आएंगी आदिनाथ भगवान की प्रतिमा
उपाध्याय विहसंत सागर जी महाराज ने बताया कि भू-गर्भ से प्राप्त 1800 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ भगवान की प्रतिमा 12 मार्च को आगरा से इटावा पहुंचेगी। बरहीपुरा जैन मंदिर से गाजेबाजे के साथ यह प्रतिमा इटावा भ्रमण करेगी। तत्पश्चात यह प्रतिमा जैतपुरा में बनने वाले विहसंत सागर तीर्थधाम जाएगी। यह प्रतिमा तातपुर गांव से भू-गर्भ से प्राप्त हुई अब इसे जैतपुरा में विराजमान किया जायेगा।
शिलान्यास समारोह में सम्पूर्ण भारतवर्ष से दस हजार से अधिक साधर्मी गुरुभक्तों के सम्मिलित होने की संभावना है । इस अवसर पर अन्य स्थानों के साथ ही मुरैना से जैतपुरा जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है । सभी बसें रविवार 15 मार्च को प्रातः 5 बजे जैतपुरा के लिए रवाना होगीं।














