रूस की प्रख्यात प्राकृत विद्वान का महासभा कार्यालय में भव्य स्वागत
श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के कार्यालय में प्राकृत भाषा की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विदुषी, सोवियत संघ के इंस्टिट्यूट ऑफ ओरियंटल स्टडीज़ एवं रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज़ के प्राकृत विभाग की प्राध्यापक डॉ. नतालिया झेलेज़नोवा (Dr. Natalia Zheleznova) का गरिमामय पदार्पण हुआ। इस अवसर पर उनके साथ डॉ. (विश्वविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्राध्यापक) एवं प्रख्यात विद्वान डॉ. एम. एल. जैन भी उपस्थित रहे।
डॉ. नतालिया झेलेज़नोवा विगत कई वर्षों से मॉस्को स्थित रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज़ में प्राकृत भाषा के अध्यापन एवं शोध कार्य में संलग्न हैं तथा जैन आगम, प्राकृत साहित्य और भारतीय दर्शन पर उनका गहन अध्ययन रहा है।
यह विशेष उल्लेखनीय है कि डॉ. नतालिया झेलेज़नोवा शुद्ध शाकाहारी जीवनशैली का पालन करती हैं तथा रात्रि में भोजन नहीं करतीं। वे दिगम्बर जैन परम्परा से गहरे रूप से प्रभावित हैं और दिगम्बर आचार्यों को अपने आराध्य मानती हैं। श्रवणबेलगोला में सम्पन्न गत महामस्तकाभिषेक समारोह में भी उन्होंने सक्रिय सहभागिता निभाई थी।
महासभा कार्यालय में उनके आगमन पर महासभा के पदाधिकारियों द्वारा पटका पहनाकर एवं माल्यार्पण कर उनका स्नेहपूर्ण एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनों ने प्राकृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं जैन दर्शन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे अध्ययन हेतु उनके योगदान की सराहना की।
यह भेंट जैन संस्कृति, प्राकृत भाषा एवं वैश्विक बौद्धिक संवाद के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी क्षण के रूप में स्मरणीय रही।












