फागी संवाददाता
राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर के चार दीवारी में प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिरों की रखरखाव की ज्वलंत समस्या पैदा हो रही है, उक्त विषय में प्रसिद्ध समाजसेविका स्नेहलता बैनाडा धर्मपत्नी श्री कैलाश बैनाड़ा चित्रकूट कालोनी सांगानेर थाना जयपुर निवासी ने बताया कि वर्तमान में जयपुर शहर की चार दीवारी में जैन समुदाय की संख्या काफी कम हो गई है, चारदीवारी में सभी प्राचीन मंदिर विशाल एवं सुंदर बने हुए हैं, लेकिन उक्त जिनालियों में अभिषेक पूजा- अर्चना करने वाले बहुत ही कम लोग रह गए हैं, तथा अन्य समुदाय का बहुत ज्यादा प्रभाव बढता जा रहा है ऐसे हमें इस विषय पर विचार करना चाहिए कि हम दिगम्बर जैन मन्दिरों की पुरातत्व की प्राचीन धरोहर को केसे सुरक्षित रखें, या वहां पर जो पुरानी मूर्तियां स्थापित है उस जगह नई मूर्तियां स्थापित करनेकी बजाय सभी प्राचीन मूर्तियां को नवीन जिनालयों में स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए या हमें उनको बचाने का उपाय सोचना चाहिए, नहीं तो वापस पुराना इतिहास दोहराया जा सकता है, देखरेख के अभाव में हमारी मूर्तियां वापस खंडित हो सकती है अतः हमारे गुरुओं,सामाजिक संस्थाओं से पुरजोर निवेदन है कि इस विषय पर आगे आए और इस समस्या का समाधान खोज कर उसपर क्रियान्वित करने की कार्रवाई करें।
प्रेषक: स्नेहलता बैनाडा-धर्मपत्नी कैलाश बैनाडा चित्रकूट कॉलोनी सांगानेर