प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज का मंगल प्रवेश बीना बारहा हुआ दिगंबर जैन समाज ने गाजे-बाजे से करी अगवानी

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प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज का मंगल प्रवेश बीना बारहा हुआ दिगंबर जैन समाज ने गाजे-बाजे से करी अगवानी
दिगंबर जैन संतों की अगवानी ऐसी अगवानी होती है जिसमें पूरा समाज समर्पित होकर फूलों की वर्षा करता है जो आज दिन तक किसी राजनेता मिनिस्टर की नहीं होती
महावीर कुमार जैन सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान
31 जनवरी शनिवार 2026
आज दिनांक 29 जनवरी को परम पूज्य प्रवचन केसरी मुनि श्री 108 विश्रांत सागर जी महाराज ससंघ ने दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बीना बारहा के दर्शन किए, मुनि श्री के मुखारविंद से शांति धारा संपन्न हुई,बहुत सुंदर मनोज्ञ जिन मंदिर हैं मुनि श्री ने आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की भूरि भूरि प्रशंसा की, तथा उन्हें नमन किया, एवं सभी लोगों को आवाहन किया कि सभी लोग बीना बारहा जी के एक बार दर्शन जरूर करें, मुनि श्री ने अपने प्रवचनों में कहा है कि लोगों ने दूध को घी मान लिया जबकि दूध घी नहीं है दूध में घी है ,इसी तरह आत्मा में परमात्मा है आत्मा परमात्मा नहीं है
जैन संत ने यह भी बताया की जो विषय भोगों को अच्छा मानता है
नाना प्रकार के दुखों को भोगता है
उन्होंने यह भी बताया की को बुद्धि मनुष्य मन रूपी जो ठग उसके प्रयोग से उत्पन्न हुए भ्रम से भ्रान्त से नेत्र से विपरीत ही देखता है तथा विपरीत देखने से नाना प्रकार के दुखों का अनुभव करता है यह भी अनंत नरको के दुखों को देने वाले है मुनि ने बताया जिस प्रकार बिजली के समान चंचल विभिन्न विषयों को स्थिरता निरंतर सुख देने वाले और चीज को प्रिया मानता है
जिस प्रकार कोई बेरी किसी मनुष्य पर मंत्र आदि का प्रयोग करता है तो उसके नेत्र घूमने लग जाते हैं तथा बनाना प्रकार के आपत्तियों को भोगता है इस प्रकार यह को बुद्धिजन मोह रूपी बेरी के प्रयोग से विषय में परिवर्तन हो जाता है तथा समस्त चीज उसको विपरीत सूर्य निकलती है तथा इस विपरीत के सबक नाना दुखों को भोगता है विषयों को अच्छा मानने लगता है और यह दुख का बहुत बड़ा कारण मुनि ने बताया
अपार महिलाओं अपार भक्तों बालक बालिकाओं ने मुनि की जय जयकार के नारे जिनालय में लगाये
श्री महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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