नवाचार्य आचार्य श्री समय सागर जी की भव्य आगवानी
राजेश जैन दद्दू
छिंदवाड़ा
नगर की पावन भूमि आज साक्षी बनी एक अद्भुत, दुर्लभ और अलौकिक क्षण की—
नवाचार्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज संसघ एवं मुनि श्री 108 विश्रांत सागर जी महाराज संसघ के दिव्य गुरु-शिष्य (गुरु मिलन) के।
यह कोई सामान्य मिलन नहीं था ।यह तो संयम, त्याग, तपस्या और आत्मिक अनुराग का सजीव संगम था। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जैसे ही दोनों महामुनियों के दर्शन एवं मिलन एक साथ हुए, वहाँ उपस्थित समाजजन के हर नेत्र नम हो गये, हर हृदय श्रद्धा से भर उठा।
शब्द मौन हो गए और भाव स्वयं बहने लगे।
ऐसा लगा मानो वर्षों की साधना, तप और वात्सल्य एक क्षण में साकार हो गया हो।
यह दृश्य देखकर लोगों ने नहीं, आत्माओं ने नमन किया। और नमोस्तु शासन जयवंत हो के जय घोष से पुरा नगर गुंजायमान कर दिया ।
छिंदवाड़ा नगर धन्य हुआ,
आज का यह क्षण इतिहास बन गया—
जो जीवन भर स्मृतियों में दीपक बनकर जलता रहेगा।












