नव वर्ष रात के अंधेरे में नहीं सूर्य प्रकाश में मनाना लाभकारी है

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नव वर्ष रात के अंधेरे में नहीं सूर्य प्रकाश में मनाना लाभकारी है
जैन संत वैराग्य सागर महाराज
नैनवा 1 जनवरी 2026 गुरुवार
अग्रवाल दिगंबर जैन मंदिर में प्राप्त शांति धारा 8:30 पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए जैन संत ने बताया
नव वर्ष रात के 12:00 अंधेरे में मनाना शुभ नहीं है प्रातः काल सूर्य के प्रकाश में भगवान की आराधना करने से भाग्य उज्जवल होता है
अपने आत्मा का विकास नए वर्ष में होने से पूरा वर्ष आपका मंगलमय शांति हो आत्मा में शांति आने के लिए मनुष्य संसार में भटक रहा है
पहले किसान प्रातःकाल उठकर भगवान का स्मरण करता था अपने खेती को बैलों को पानी खाना खिलाता था और वह कितना स्वस्थ रहता था हमेशा निरोगी रहता था संपन्न रहता था आज का मनुष्य अशांति के कारण शांति चाहता है ईश्वर सेआत्मा का ध्यान चाहता ही नहीं है
गांव की महिलाएं आज भी बहुत लंबा घूंघट पहन कर निकलती है पूरे कपड़े पहनती है मुस्लिम महिलाएं पूरे कपड़ों से निकलती है कभी नृत्य नहीं करती और आज हमारी महिलाएं नृत्य के अंदर अपने अर्धनग्न कपड़े पहनकर कर बहुत नृत्य करती है यह भारत संस्कृति के विपरीत कार्य हो रहा है इस कारण ही परिवार में अशांति उत्पन्न हो रही है
नव वर्ष पर हमारा पूरा परिवार मंगलमय हो पूरा देश मंगलमय हो ऐसी गुरु ने आशीष भक्तों को दिया
भारतवर्ष धर्म धर्म देश के नाम से जाना जाता है
दिगंबर जैन संत सुप्रम सागर महाराज ने नए वर्ष में बताया
सूर्य प्रकाश उदय होता है उसे जीवन प्रकाशमान होता है
रात के अंधेरे में नव वर्ष मनाने पर उसका जीवन भी अंधकार में होता है
सूर्य के प्रकाश में भगवान की आराधना पूजा भक्ति गुरु का आशीष प्राप्त करना ही नए वर्ष की शुभ मंगल कामना है
जो मनुष्य रात को जगाते हैं और दिन को सोते हैं वह एक उल्लू के समान हो रहे हैं
भारत देश महान धर्म देश है विदेश में धर्म नहीं है भारत के संस्कृति को आज भी विदेश में पूजा जाता है
यही वह देश है जहां 365 दिन ही धर्म का पालन व्रत उपवास पूजा आराधना की जाती है
भारत देश की संस्कृति को विदेश की संस्कृति ने आज बिगाड़ दिया है
विदेशी की सभ्यता भारत देश की सभ्यता से बहुत विपरीत है
वहां का खान पान चाल चलन बिल्कुल विपरीत है
भारत का व्यक्ति भी बुरी वस्तुओं को ग्रहण करके अपने स्वरूप को बिगाड़ रहा है
गंभीरा में दो दिवसीय जयंती महोत्सव कल से प्रारंभ
आचार्य धर्मासागर महाराज का 113 वा जयंती महोत्सव कल से प्रारंभ होगा
जयंती महोत्सव पर 2 जनवरी को धर्म सागर विधान संपन्न होगा
3 जनवरी को दो संतों के जैन संत वैराग्य सागर महाराज सुप्रम सागर महाराज सानिध्य में अपार धर्म प्रभावना से भव्य शोभायात्रा अतिथि सम्मान झंडा रोहण अनेक कार्यक्रम संपन्न होंगे
दिगंबर जैन प्रवक्ता महावीर सरावगी

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