लाइफसेल इंटरनेशनल के चेयरमैन अभय श्रीश्रीमाल जैन ने 5 फरवरी को ‘नानेश-नेमी निर्झर’ पुस्तक का विमोचन किया। साहित्यकार डॉ. दिलीप धींग द्वारा विद्यार्थी जीवन में तैयार की गई सौ पृष्ठीय पुस्तक का प्रकाशन जनवरी-2026 में अभुषा फाउंडेशन ने किया। इसमें आचार्य नानालालजी म. और उनकी जीवनी के लेखक डॉ. नेमीचंद जैन की 500 सूक्तियाँ तथा डॉ. नेमीचंद द्वारा डॉ. दिलीप धींग को लिखे 40 पत्र-पत्रांश हैं। श्रीश्रीमाल ने कहा, यह पुस्तक डॉ. धींग के बचपन की स्वाध्याय-रुचि व गुणग्राहकता का एक प्रेरणादायक दस्तावेज है। डॉ. धींग ने बताया कि 35 साल पहले उन्होंने अपनी माता श्राविकारत्न उमरावदेवी धींग की प्रेरणा से इन सूक्तियों का संकलन संपादन किया था, जो अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित व प्रशंसित हुई थीं। राष्ट्रधर्म के उद्बोधक आचार्य जवाहरलालजी म. की सार्ध शती में प्रकाशित इस पुस्तक के अंतिम आवरण पर जवाहराचार्य की स्मृति में भारत सरकार द्वारा जारी स्मारक सिक्के, डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण की छवियाँ अंकित की गई हैं। उक्त प्रसंग पर जारी विवरणिका में डॉ. धींग द्वारा लिखित आचार्यश्री का परिचय भी इस पुस्तक में दिया गया है। सीए विनोद कोठारी ने धन्यवाद दिया।
– प्रणत धींग
संलग्न: पुस्तक विमोचन का फोटो
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