मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महामहोत्सव 15 फरवरी को ध्वजारोहण से होगा शुभारंभ

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मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महामहोत्सव 15 फरवरी को ध्वजारोहण से होगा शुभारंभ

छह दिवसीय वृहद आयोजन मुनि प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में होगा आयोजित
कामवन कामां तहसील के पश्चिम दिशा में अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थापित ग्राम बोलखेड़ा जहां जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी ने कठोर तप किया ऐसी पावन धरा पर निर्मित वर्धमान पंच बालयति तीर्थ क्षेत्र पर अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज ससंघ सानिध्य में 15 फरवरी से जैन धर्म के सबसे बड़े आयोजन मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ होगा।
गोकुल राम चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष गोकुल राम जैन ने बताया कि ज्ञानचंद राकेश जैन आर के कंस्ट्रक्शन फिरोजपुर झिरका द्वारा ध्वजारोहण कर छह दिवसीय वृहद आयोजन का मंत्रोच्चार के साथ प्रतिष्ठाचार्य शुभम जैन बड़ामलहरा मध्यप्रदेश के निर्देशन से विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस महाआयोजन में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अमित जैन नीति जैन अशोक विहार दिल्ली व भगवान के माता पिता बनने का सौभाग्य राकेश जैन प्रीतमपुरा परिवार को एवं कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य संतोष जैन बबीता जैन सीकरीप्राप्त हुआ है।
तीर्थंकरों के जीवन से परिचय पंचकल्याणक की पूर्व संध्या पर मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक आत्मा को परमात्मा बनाने की क्रियाओं का चित्रण है। जहां तीर्थंकरों के जीवन चरित्र से श्रावकों को पात्र बना कर अन्य लोगो को परिचित कराया जाता है। गर्भ,जन्म,तप,ज्ञान से लेकर मोक्ष की समस्त क्रियाओं से साक्षात्कार करने का मौका सभी को मिलता है जिससे वैराग्य की ओर प्रवत्त होने का भाव जागृत होता है।
पूर्वगर्भ कल्याणक की क्रियाओं का मंचन जैन समाज के संजय जैन बड़जात्या कामां ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के प्रथम दिवस पूर्व गर्भ कल्याणक की क्रियाओं के अंतर्गत सौधर्म इंद्र दरबार,कुबेर इंद्र आगमन,अयोध्या नगरी की रचना,अष्टकुमारीयों द्वारा माता की सेवा,सोलह स्वप्न व गर्भकल्याणक की आंतरिक क्रियाओं का जीवन्त मंचन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा पंचकल्याणक की संपूर्ण तैयारी की जा चुकी है आसपास की जैन समाजों के अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन पंचकल्याणक के दौरान होगा। प्रथम बार आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि प्रणम्य सागर के आगमन से सभी उत्साह से भरे हुए हैं।

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