महावीर भगवान का संगीतमय विधान

0
3

महावीर भगवान का संगीतमय विधान

कोलकाता हावड़ा जिस तरह दिन की शुरुआत देव दर्शन से की जाती हैं उसी तरह से आज दिन रविवार को आगामी कल यानी को सोमवार को महावीर जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर जी डबसन हावड़ा में अभिषेक शांतिधारा के उपरांत महावीर भगवान संगीतमय विधान के साथ भव्य रुप में किया गया

महावीर विधान जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की पूजा-अर्चना का एक भक्तिपूर्ण अनुष्ठान है,जो मुख्य रूप से महावीर जयंती या विशेष अवसरों पर आयोजित किया जाता है। इसमें मंत्रोच्चार,अर्घ्य समर्पण,भगवान का अभिषेक,समवशरण की रचना और भक्ति गीत शामिल होते हैं, जिसका उद्देश्य आत्मशुद्धि और कर्मों का क्षय करना होता है।

महावीर विधान आयोजन के मुख्य पहलू:
उद्देश्य: भगवान महावीर के गुणों का स्मरण कर उनके पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा लेना और “जियो और जीने दो” (अहिंसा) के सिद्धांत को अपनाना।
प्रक्रिया: इसमें भगवान की प्रतिमा की स्थापना, विशेष मंत्रों के साथ 108 अर्घ्य चढ़ाना,पालना झुलाना (जन्मोत्सव),और अंत में आरती व जयमाला की जाती है।

सभी भव्य जीवों ने इस अवसर पर प्रभु का अभिषेक,शांतिधारा,पूजन एवं महावीर विधान किया

मिलाप जी गंगवाल,प्रमिला बिनायका,सुरेश गंगवाल, विनोद गंगवाल,राजेश अजमेरा, सुशील पांड्या,कनक पांड्या, मंजु पांड्या आदि सभी साधर्मी बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में हावड़ा डबसन सहित आसपास के क्षेत्रों से अनेक श्रद्धालु व गणमान्य जन उपस्थित रहे। महावीर भगवान के संगीतमय विधान में सभी श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here